नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पार्टी के उन जनप्रतिनिधियों को सख्त हिदायत दी है, जो ब्राह्मण समाज के नाम पर अलग से बैठकें या आयोजन कर रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसी गतिविधियां भाजपा के सिद्धांतों, संविधान और आदर्शों के पूरी तरह खिलाफ हैं. आगे अगर किसी ने ऐसा करने की कोशिश की, तो पार्टी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने में कोई देरी नहीं करेगी.
यह बयान हाल ही में मीडिया में आए एक समाचार के संदर्भ में आया है, जिसमें विधानसभा सत्र के दौरान कुछ भाजपा विधायकों द्वारा अपने समाज विशेष के लिए भोज आयोजित करने और चर्चा करने की खबरें प्रकाशित हुई थीं. चौधरी ने जोर देकर कहा कि भाजपा कभी जाति, समुदाय या परिवार आधारित राजनीति नहीं करती, बल्कि यह एक विचारधारा प्रधान पार्टी है जो सभी वर्गों को साथ लेकर चलती है.
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि पार्टी नेतृत्व ने संबंधित विधायकों और जनप्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से बात की है और उन्हें चेताया है कि इस तरह के कदम भाजपा की परंपराओं के विरुद्ध हैं. सभी को निर्देश दिया गया है कि भविष्य में ऐसी किसी भी गतिविधि से पूरी तरह बचें और पार्टी की एकजुटता बनाए रखें.
चौधरी ने आगे कहा कि इस प्रकार की अलग-अलग बैठकों से समाज में गलत मैसेज जाता है और भाजपा की सर्वसमावेशी छवि को ठेस पहुंचती है. अगर कोई जनप्रतिनिधि इसे दोहराता है, तो इसे अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखकर कठोर कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने पार्टी की नीति को दोहराते हुए कहा कि भाजपा विविधता वाले भारत में समावेशी और सबका साथ-सबका विकास की राजनीति पर चलती है. पुरानी जातिवादी सोच की अब कोई जगह नहीं बची है. जो नेता अभी भी परिवारवाद या जातिवाद की राजनीति में उलझे हैं, उन्हें बदलते समय के साथ खुद को ढालना होगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास और राष्ट्रवाद की राजनीति को रेखांकित करते हुए चौधरी ने कहा कि यूपी में सपा, बसपा और कांग्रेस जैसी पार्टियां जाति के नाम पर राजनीति करके कमजोर हो रही हैं, जबकि भाजपा ने सामाजिक न्याय और सर्वस्पर्शी विकास की मजबूत बुनियाद रखी है.
अंत में उन्होंने सभी भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे पार्टी की मर्यादा और अनुशासन का पूरा ध्यान रखें, किसी नकारात्मक प्रचार में न फंसें और केवल भाजपा की विचारधारा के अनुरूप ही काम करें.