योगी आदित्यनाथ का मिशन नए सिरे से शुरू हो चुका है. अगर आपके पास पैसा है तो बुलडोज़र खरीद लीजिए, क्योंकि अगले दो साल तक सरकार के आदेश के मुताबिक हर ज़िले और हर गांव में ऑपरेशन ग्राम प्रधान चलाया जाएगा. अलग-अलग ज़िलों की टीम बनाई जा रही है. नगर पालिका, नगर पंचायत में कहां-कहां भ्रष्टाचार है वहां की लिस्ट तैयार की जा रही है. न सिर्फ प्लान बन रहा है, बल्कि एक्शन तेज़ हो चुका है. विरोधियों से पहले सरकार ने अपनी ही पार्टी के नेताओं पर कार्रवाई शुरू कर दी है. नज़ीर पेश की जा रही है.
महाराजगंज नगर पालिका सिसवा की अध्यक्ष शकुंतला देवी पर बड़ी कार्रवाई हुई है. वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज़ कर दिए गए हैं. ऐसी कार्रवाई एक मिसाल है. सरकार को जानकारी मिली कि वहां सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. एक्शन का प्लान बना, पता चला कि भ्रष्टाचार ऐसा हो रहा है कि सरकार की नींद उड़ जाएगी.
नगर पालिका सिसवा के खाते में वित्तीय काम के लिए 1 अप्रैल 2022 को 4 करोड़ 45 लाख 79 हजार 277 रुपये थे. उसी दिन हुई बोर्ड की पहली बैठक में 11 करोड़ 58 लाख 69 हजार रुपये के कार्यों की स्वीकृति प्रदान कर दी गई. ये धनराशि नगर पालिका के पास उपलब्ध धनराशि से 7 करोड़ 12 लाख 89 हजार 722 रुपये अधिक थी. 7 मई 2022 को 1178.60 लाख रुपये 60 कार्यों के लिए टेंडर निकाले गए. इसमें से 16 कार्यों में तकनीकी स्वीकृति ली गई. 44 कार्यों में तकनीकी स्वीकृति नहीं ली गई. जिसके बाद योगी सरकार ने अपनी पार्टी के नगर पालिका सिसवा पर एक्शन ले लिया! ऐसा कम होता है! लेकिन योगी के राज़ में रामराज्य कैसा है.
ये कार्रवाई कोई एक जगह नहीं हुई है, बल्कि योगी के आदेश के बाद अलग-अलग जगह ऑपरेशन चल रहा है. ये श्रावस्ती में एक छोटे से मकान को बुलडोजर रौंद रहा है, लेकिन इसकी कहानी बहुत अलग है. श्रावस्ती में एक सरकार जमीन पर एक बिल्डिंग दिखाई देती है. ये जमीन सरकारी है. लेकिन गांव के भूमाफिया ने कब्जा कर लिया था.
यहां तक की घर तक बना लिया था. ऐसी ही कार्रवाई हर गांव में होने वाली है. हर पोस्ट पर होने वाली है. ये बात आपको GLOBAL BHARAT TV ने बहुत पहले बताई थी. बाबा का बुलडोज़र गरज रहा है. गांव में कब्जा की जमीन या तो खुद से खाली कर दीजिए या फिर वक्त का इंतज़ार कीजिए.
गांव का माफिया हो, बाहुबली हो या कब्जाधारी हो सरकार सबकी लिस्ट तैयार करवाने में जुटी है. योगी सरकार का आदेश है, नेता किसी भी पार्टी का हो, भूमाफिया BJP का हो, तो भी एक्शन जरूर होगा. ग्राम पंचायत और निकाय में भ्रष्टाचार हो रहा है. इस भ्रष्टाचार को अगर रोक लिया जाए तो जल्दी ही UP बदल जाएगा. कुछ ख़ास लोगों को ही फायदा पहुंचाया जाता है.
यही कारण है कि पीएम आवास योजना अब तक उन लोगों तक नहीं पहुंचा, जहां पहुंच जाना चाहिए था. यहां तक कि मनरेगा का पैसा भी बेइमान हड़प लेते हैं. मनरेगा मजदूरों से कमीशन लिया जाता है ऐसे कई केस आते रहते हैं. कोटे में 5 किलो की बजाय साढ़े चार किलो राशन तौला जाता है, जिसकी कई शिकायतें होती हैं.
सरकार पेड़ लगाने और पर्यावरण बचाने के लिए पैसा देती है, पर वो पेड़ कहीं दिखता नहीं, जिला और ब्लॉक स्तर पर इतने बेईमान बैठे हैं कि सरकार के फुलप्रूफ प्लान में भी पलीता लगाने में देरी नहीं करते. कोई न कोई तोड़ ढूंढ ही लेते हैं, तो ज़रूरी है कि बीजेपी सरकार बुलडोज़र क्रांति चलाए! ताकि भ्रष्टाचारियों और भूमाफियाओं में खौफ बना रहे, जनता के बीच ये साफ संदेश पहुंचे कि नेता किसी भी पार्टी का हो, अगर उसने गलती की हो तो उसे सजा मिलेगी, योगी के राज में अपना और पराया वाला हिसाब नहीं होगा.