लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लखनऊ के लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक में 11 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इनमें सरकारी कर्मचारियों के लिए नई ट्रांसफर पॉलिसी, 17 शहरों में स्मार्ट पार्किंग सुविधा, सभी 75 जिलों में प्राइवेट बस स्टैंड, और अडानी पावर को बिजली संयंत्र का ठेका जैसे बड़े फैसले शामिल हैं. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ये कदम उत्तर प्रदेश को विकास, जन सुविधा और निवेश के मामले में अग्रणी बनाने के लिए उठाए गए हैं.
नई ट्रांसफर पॉलिसी
कैबिनेट ने 2025 की ट्रांसफर पॉलिसी को मंजूरी दी, जो पिछले साल की नीति जैसी ही है. इसके तहत 15 मई से 15 जून 2025 तक सरकारी कर्मचारियों के तबादले होंगे. वे कर्मचारी जो किसी जिले में 3 साल या मंडल में 7 साल से तैनात हैं, उनके तबादले अनिवार्य होंगे. ग्रुप ए और बी के 20% अधिकारियों और ग्रुप सी और डी के 10% कर्मचारियों का तबादला हो सकता है. इससे ज्यादा तबादलों के लिए मंत्रालय की अनुमति जरूरी होगी. सरकार ने पिक-एंड-चूज तबादलों पर प्रतिबंध जारी रखा है, यानी कर्मचारी अपनी पसंद की जगह नहीं चुन सकेंगे. लंबे समय से एक ही जगह तैनात कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाएगी.
17 शहरों में स्मार्ट पार्किंग
शहरों में पार्किंग की समस्या और ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए कैबिनेट ने 17 नगर निगमों में मल्टी-लेवल स्मार्ट पार्किंग बनाने का फैसला किया. यह परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत होगी. इन पार्किंग स्थलों में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन भी होंगे. नगर निगम मुख्य रूप से जमीन उपलब्ध कराएंगे, लेकिन निजी मालिक भी अपनी जमीन लीज पर दे सकेंगे. परियोजना की निगरानी के लिए पार्किंग मैनेजमेंट समिति बनेगी.
सभी जिलों में प्राइवेट बस स्टैंड
कैबिनेट ने 75 जिलों में प्राइवेट बस स्टैंड बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी. ये बस स्टैंड भी पीपीपी मॉडल के तहत बनाए जाएंगे. प्रत्येक बस स्टैंड कम से कम 2 एकड़ जमीन पर होगा और शहर से 5 किलोमीटर की दूरी के भीतर बनाया जाएगा. इसकी देखरेख के लिए जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में 9 सदस्यीय समिति काम करेगी. यह कदम यात्रियों को बेहतर सुविधा देगा और बस स्टैंडों पर भीड़ कम करेगा.
अडानी पावर को बिजली संयंत्र
ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए कैबिनेट ने अडानी पावर को डीबीएफओओ (डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन, ऑपरेट) मॉडल के तहत बिजली संयंत्र बनाने का ठेका दिया. यह परियोजना राज्य में बिजली आपूर्ति को मजबूत करेगी और औद्योगिक विकास को गति देगी. कैबिनेट ने ग्लोबल कंपीटेंस सेंटर (जीसीसी) नीति 2024 को मंजूरी दी, जिसे देश की सबसे प्रतिस्पर्धी नीति बताया गया है. यह नीति निवेश और रोजगार के नए अवसर खोलेगी. इसके अलावा, राज्य कर विभाग का नाम बदलकर सर्विस टैक्स डिपार्टमेंट कर दिया गया है, ताकि इसके कार्यों को और स्पष्ट किया जा सके.