नई दिल्ली: 24 घंटे में दूसरी बार सीएम योगी की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई, 25 मार्च को कानपुर में हैलीपैड पर योगी के स्वागत में पहले दो अज्ञात शख्स पहुंचे, जिनसे पूछताछ हुई तो भयंकर खुलासा सामने आया, उसके बाद 26 मार्च को जब सीएम योगी आगरा दौरे पर थे, वहां उनका विमान 9 मिनट तक हवा में फंसा रहा, इस दौरान योगी आदित्यनाथ के विमान की कैसे इमरजेंसी लैंडिंग हुई, दो घंटे तक वो एयरपोर्ट पर ही कैसे रुके रहे, पूरी कहानी जरा विस्तार से सुनिए, फिर बताते हैं आखिर ये बार-बार क्यों हो रहा है, क्या किसी बड़े खतरे का इनपुट है.
दरअसल आगरा में कार्यक्रम खत्म होने के बाद सीएम योगी के राजकीय प्लेन ने बुधवार दोपहर 3.40 बजे उड़ान भरी थी. 20 मिनट बाद प्लेन वापस लौट आया. पता चला पायलट ने सुझबूझ दिखाते हुए इसकी इमरजेंसी लैंडिंग करवाई है, करीब 9 मिनट तक हवा में विमान एक तरीके से फंसा रहा, पायलट को जैसे ही ये लगा कि विमान में तकनीकी दिक्कत आ गई है, सुझबूझ का इस्तेमाल करते हुए उसने लैंडिंग करवाई, उसके बाद करीब डेढ़ घंटे तक सीएम योगी एयरपोर्ट के लॉन्ज एरिया में रुके रहे, वहां सुरक्षा व्यवस्था टाइट रही, जब दिल्ली से शाम 5.42 बजे दूसरा चार्टर प्लेन आया, तब जाकर सीएम योगी आगरा से लखनऊ के लिए रवाना हुए. इससे पहले मई 2024 में बिहार में योगी का हेलीकॉप्टर रास्ता भटक गया था, जिसका किस्सा उन्होंने खुद पूर्वी चंपारण की रैली में सुनाया था.
जिसके बाद सवाल उठ रहे हैं कि योगी आदित्यनाथ की विमान में अगर कोई खराबी है तो सुरक्षा के लिहाज से वो नया विमान क्यों नहीं खरीदते या फिर दौरे से पहले उसकी प्रोपर चेकिंग क्यों नहीं होती. हालत ये है कि एनएसजी कमांडो को भी धोखा देने की कुछ लोग कोशिश करने लगे हैं, दरअसल योगी जब कानपुर दौरे पर थे तो सीएम के स्वागत की सूची तैयार थी, जिसमें 36 लोगों के नाम थे, लेकिन अचानक से रवि प्रताप और ईशान मल्होत्रा बिना पार्टी नेताओं और पुलिस अधिकारियों की जानकारी के कार्यक्रम में शामिल हो जाते हैं, जिसके बाद हड़कंप मच जाता है, और जांच के आदेश दिए जाते हैं.
उससे पहले गाजियाबाद में योगी का काफिला गुजरने से पहले कुछ लड़कों ने उसी रास्ते पर जमकर उत्पात मचाया था, जिसमें 5 की गिरफ्तारी भी हुई थी. अक्टूबर 2021 में तो बस्ती में योगी के कार्यक्रम में एक व्यक्ति हथियार लेकर घुस गया था, जांच में पता चला था गौर ब्लॉक प्रमुख जटाशंकर शुक्ल के सगे भाई के साले जितेंद्र पांडे लाइसेंसी हथियार के साथ कार्यक्रम में शामिल हो गए थे. इटावा सीओ रमेश चंद्र पांडे की जब नजर शख्स पर पड़ी, तो उन्होंने उसे बाहर निकालकर उससे पूछताछ की. तब लापरवाही के आरोप में चार पुलिसकर्मी सस्पेंड कर दिए गए थे, चूंकि बराबर योगी आदित्यनाथ को धमकी मिलती रहती है, इसलिए ये सुरक्षाकर्मियों की जिम्मेदारी हो जाती है कि वो प्रॉपर तरीके से विमान और कार्यक्रम स्थल की जांच करे, हर बार ऐसा होता भी है, उसके बाद भी इस तरीके की ख़बरें सामने आना, कई तरीके के सवाल खड़े कर रहा है, आप इस पर क्या कहना चाहेंगे, कमेंट कर अपनी राय जरूर दें.