बंद नहीं हुआ छांगुर का चैप्टर! धर्मांतरण मामले से जुड़े पुणे प्रॉपर्टी पर भेजा गया समन

Amanat Ansari 12 Oct 2025 03:22: PM 2 Mins
बंद नहीं हुआ छांगुर का चैप्टर! धर्मांतरण मामले से जुड़े पुणे प्रॉपर्टी पर भेजा गया समन

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (एटीएस) ने खुद को भगवान बताने वाले छंगूर के करीबी सहयोगी मोहम्मद अहमद को बहरामपुर में चल रहे कथित अवैध धार्मिक धर्मांतरण गिरोह के सिलसिले में पूछताछ के लिए समन भेजा है. सूत्रों के अनुसार, यूपी एटीएस ने मोहम्मद अहमद को नोटिस जारी किया है, जिसमें उसे 13 अक्टूबर को एटीएस मुख्यालय में अपना बयान दर्ज कराने के लिए हाजिर होने का निर्देश दिया गया है. अधिकारियों ने बताया कि अहमद छंगूर का फंड मैनेजर था और उसके जरिए पुणे, मुंबई और अन्य शहरों में बड़ी निवेश की गई थी.

जांचकर्ताओं का दावा है कि छंगूर ने मोहम्मद अहमद के माध्यम से पुणे में एक कीमती प्रॉपर्टी खरीदी. यह प्रॉपर्टी नितिन और नीतु रोहरा के नाम पर रजिस्टर्ड है, जिन्हें पहले ही इस मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है. एटीएस की यह कार्रवाई छंगूर, उसके बेटे मुहबूब और रोहरा दंपति की लंबी पूछताछ के बाद हुई है. इन निष्कर्षों के आधार पर एजेंसी ने अब अहमद को बुलाया है ताकि वह अपना बयान दे और गिरोह के वित्तीय संचालन में कथित संलिप्तता स्पष्ट करे.

सितंबर में यूपी एटीएस ने बहरामपुर में बड़े पैमाने पर अवैध धार्मिक धर्मांतरण रैकेट के सिलसिले में दो मुख्य आरोपी छंगूर उर्फ जलालुद्दीन और उसके बेटे मुहबूब के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. जांच में आरोप लगाया गया कि यह गिरोह लोगों को लालच और धमकियों से धर्मांतरण कराने का लंबा प्लान चला रहा था, जिसका अंतिम लक्ष्य 2047 तक भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाना था.

यह रैकेट तब सामने आया जब अलीगढ़ की रहने वाली एक महिला ने बताया कि उनका अंधा बेटा प्रभात उपाध्याय 15 अगस्त को लापता हो गया. पुलिस के अनुसार, प्रभात को शादी के बहाने बरेली के एक मदरसे ले जाया गया था और उसे धर्मांतरण कर हामिद नाम देने की तैयारी थी. मां ने आरोप लगाया कि ये लोग महीनों से बेटे पर दबाव डाल रहे थे. जब वह और रिश्तेदार मदरसे पहुंचे, तो उन्हें धमकी दी गई और भगा दिया गया.

पुलिस की छापेमारी कर कथित धर्मांतरण को रोक दिया. अधिकारियों ने धार्मिक किताबें, धर्मांतरण प्रमाणपत्र और विवादास्पद प्रचारक जाकिर नाइक के भाषणों वाली सीडी बरामद कीं, जिन्हें लोगों को ब्रेनवॉश करने के लिए इस्तेमाल किया जाता था. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी छंगूर और उसके सहयोगियों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 13 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्तियां जब्त की हैं. ये प्रॉपर्टीज उत्तरौला, बहरामपुर में हैं और सह-आरोपी नीतु नवीन रोहरा (नवीन रोहरा की पत्नी) के नाम पर रजिस्टर्ड हैं. सूत्रों का अनुमान है कि इन संपत्तियों की मौजूदा बाजार कीमत 50 करोड़ रुपए से ज्यादा है.

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