इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन नोरीन नियाजी का एक विवादित बयान देश में तूफान खड़ा कर गया है. उन्होंने पिछले साल मई में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सशस्त्र संघर्ष (ऑपरेशन सिंदूर) को लेकर दावा किया कि यह लड़ाई पाकिस्तानी सेना की लीडरशिप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच मिलीभगत का नतीजा थी.
नियाजी ने आरोप लगाया कि इस घटना को पाकिस्तानी सेना की इमेज सुधारने के लिए रचा गया था. उन्होंने बिना सबूत दिए कहा कि भारत ने जानबूझकर कड़ा जवाब देने से परहेज किया क्योंकि पाकिस्तान इजरायल को मान्यता देने की दिशा में बढ़ रहा था. इस बयान के बाद पाकिस्तान की नेशनल साइबर क्राइम एजेंसी ने नोरीन नियाजी को समन जारी कर दिया है. उन्हें सोमवार को इस्लामाबाद में पेश होने के लिए कहा गया है.
उन पर सरकारी संस्थाओं को बदनाम करने और भड़काऊ कंटेंट फैलाने का आरोप है. पंजाब की सूचना मंत्री आजमा बोखारी ने बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह इमरान खान की सोच को दर्शाता है और देश के हितों के खिलाफ है. बयान के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है.