वाशिंगटन: अमेरिकी सैन्य सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के भूमि मार्गों के जरिए हथियार और अन्य सामग्री के परिवहन को रोकने के लिए एक नया टास्क फोर्स बनाने की घोषणा की है. यह कदम होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी बंदरगाहों पर महीनों से चल रहे नौसैनिक नाकाबंदी का विस्तार है.
CENTCOM कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि टास्क फोर्स आयरन गेट समुद्र में ईरान के खिलाफ लोहे जैसी नाकाबंदी की सफलता को और मजबूत करेगा. यह टास्क फोर्स टैम्पा, फ्लोरिडा में स्थित है और इसमें लगभग 20 नागरिक व सैन्य कर्मचारी शामिल हैं. यह अन्य अमेरिकी सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर ईरान की भूमि सीमाओं और कैस्पियन सागर के पार उन्नत हथियार प्रणालियों, दोहरे उपयोग वाली तकनीकों, प्रतिबंधित सामग्रियों और अवैध राजस्व स्रोतों की आवाजाही रोकने का काम करेगा.
पूर्व अमेरिकी डिप्टी असिस्टेंट डिफेंस सेक्रेटरी माइकल मुलरॉय ने अल जजीरा को बताया कि इस टास्क फोर्स का काम यह पता लगाना होगा कि हथियार प्रणालियां कहां से आ रही हैं, उन्हें कैसे काटा जा सकता है और ईरान अपनी ऊर्जा का परिवहन कैसे कर रहा है. उनके अनुसार, अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप युद्ध में वृद्धि का आदेश देते हैं तो ये आर्थिक और बुनियादी ढांचे के लक्ष्य हो सकते हैं.
CENTCOM ने अलग से बताया कि उसने ओमान की खाड़ी में सेंट किट्स-फ्लैग वाले मालवाहक जहाज M/V हुदा को अक्षम कर दिया. जुलाई से अब तक अमेरिकी बलों ने 147 वाणिज्यिक जहाजों को मोड़ा है और पांच जहाजों को अक्षम किया है जो निर्देशों का पालन नहीं कर रहे थे. नौसैनिक नाकाबंदी से ईरान को 25 अरब डॉलर से अधिक का कच्चा तेल निर्यात करने से रोका गया है.
इसी दिन ईरान की समाचार एजेंसी इरना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित केश्म द्वीप पर दो विस्फोटों की आवाज सुनाई देने की खबर दी. जास्क, सिरीक और बंदर अब्बास शहरों में भी कई विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं. ट्रंप ने एक दिन पहले केश्म पर नए हमलों की पुष्टि की थी, लेकिन उन्हें मामूली बताया.
ईरान के इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) नौसेना ने बताया कि होर्मुज के पास दो तेल टैंकरों को समुद्री सुरंगों से नुकसान पहुंचा. यह कदम ईरान पर दबाव बढ़ाने की अमेरिकी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें समुद्री नाकाबंदी के साथ-साथ भूमि मार्गों को भी निशाना बनाया जा रहा है.