Iran Vs America ; अमेरिका द्वारा लगातार दूसरे दिन ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद दुनिया की सबसे अहम समुद्री तेल आपूर्ति लाइन होर्मुज स्ट्रेट में तनाव चरम पर पहुंच गया है. खाड़ी क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही अब काफी धीमी हो गई है और कई शिपिंग कंपनियां अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपनाने को मजबूर हैं.
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले कई व्यापारिक जहाज अब ईरानी अधिकारियों की मंजूरी मिलने के बाद ही आगे बढ़ रहे हैं. इससे समुद्री यातायात की रफ्तार पर असर पड़ा है और वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ गई है. यह जलमार्ग दुनिया के सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्गों में शामिल है, जहां से प्रतिदिन करोड़ों बैरल कच्चा तेल और एलएनजी की सप्लाई होती है.
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है. इसका सीधा असर पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों के साथ-साथ वैश्विक महंगाई पर भी पड़ सकता है.
अमेरिका के ताजा हमलों के बाद ईरान ने क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है. वहीं, कई अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियां अपने जहाजों के मार्ग बदलने या यात्रा टालने पर विचार कर रही हैं. बीमा कंपनियों ने भी खाड़ी क्षेत्र में समुद्री जोखिम बढ़ने की चेतावनी दी है।₹.
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की जीवनरेखा माना जाता है. ऐसे में यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव या समुद्री बाधा केवल मध्य पूर्व ही नहीं, बल्कि एशिया, यूरोप और अन्य देशों की अर्थव्यवस्थाओं को भी प्रभावित कर सकती है. फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस रणनीतिक समुद्री मार्ग और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर टिकी हुई है.