नई दिल्ली: उत्तराखंड के एक निजी स्कूल में सुबह की प्रार्थना सभा में बच्चों से इस्लामी कलमा पढ़वाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भारी विवाद खड़ा हो गया है. हिंदू संगठनों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया और राज्य शिक्षा विभाग ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है. वायरल वीडियो में छोटे-छोटे बच्चे अरबी में कलमा पढ़ते नजर आ रहे हैं.
वीडियो सामने आते ही विश्व हिंदू परिषद (VHP) सहित कई हिंदू संगठनों ने बाजपुर के आदर्श जनता मॉन्टेसरी जूनियर हाई स्कूल (सुल्तानपुर पट्टी, हाल ही में नाम बदला गया: कौशल्या पुरी) के बाहर प्रदर्शन किया और स्थानीय SDM को शिकायत सौंपकर स्कूल प्रबंधन पर तत्काल कार्रवाई की मांग की. VHP के प्रदेश गो-रक्षा प्रभारी यशपाल राजहंस ने कहा कि इस घटना की शिकायत SDM बाजपुर के माध्यम से मुख्यमंत्री तक भेजी गई है.
उन्होंने इसे “हिंदू बच्चों की भावनाओं के विरुद्ध और पूरी तरह अनुचित” बताया. स्कूल के प्रिंसिपल गिरीश चंद्र सैनी ने मीडिया को बताया कि स्कूल में करीब 110 हिंदू और 80 मुस्लिम बच्चे पढ़ते हैं. उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले एक साल से सुबह की प्रार्थना में सभी बच्चों से कलमा पढ़वाया जा रहा था. वीडियो वायरल होने के बाद सोमवार से ही यह प्रथा तुरंत बंद कर दी गई है. प्रिंसिपल ने माना कि “सभी बच्चों को किसी एक धर्म की धार्मिक प्रार्थना में शामिल करना उचित नहीं था.”
जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्य) पीएस रावत ने बताया कि विभाग ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया है. जांच में पता चला कि भले ही स्कूल मुस्लिम बहुल इलाके में है, लेकिन हिंदू बच्चों से भी जबरन कलमा पढ़वाया जा रहा था, जो शिक्षा संबंधी नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है. स्कूल को नोटिस जारी कर दिया गया है और जांच पूरी होने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी.