नई दिल्ली: हरिद्वार के हर की पैड़ी क्षेत्र में इन दिनों एक नया अभियान चल रहा है, जो 2027 के अर्धकुंभ मेले की तैयारियों से जुड़ा है. यहां घाटों के आसपास दुकानें या ठेले चलाने वाले लोगों की पहचान जांच की जा रही है.
इस पहल की शुरुआत तीर्थ पुरोहितों और श्री गंगा सभा ने की है. वे दुकानदारों से आधार कार्ड मांगकर यह पता लगा रहे हैं कि वे हिंदू हैं या नहीं. अगर कोई गैर-हिंदू निकलता है, तो उसे उस पवित्र क्षेत्र में व्यापार करने से मना किया जा रहा है.
स्थानीय संतों और पुरोहितों का मानना है कि हर की पैड़ी जैसे अत्यंत पवित्र स्थान पर धार्मिक मर्यादाओं का पूरा ध्यान रखना आवश्यक है. उनका कहना है कि पिछले कुछ समय में कुछ लोग श्रद्धालुओं की भावनाओं का अनुचित फायदा उठाते पाए गए हैं, जिससे विवाद पैदा हुए.
संत समाज के अनुसार, कुंभ मेला करोड़ों हिंदू श्रद्धालुओं की आस्था का सबसे बड़ा आयोजन है और हरिद्वार को देवभूमि का प्रवेश द्वार माना जाता है. इसलिए कुंभ क्षेत्र और घाटों की पवित्रता बनाए रखने के लिए गैर-हिंदुओं का व्यापार या प्रवेश सीमित करना जरूरी है.
हालांकि इस कदम से कुछ लोग असहमत भी हैं, लेकिन आयोजक इसे पूरी तरह आस्था और परंपरा से जुड़ा मुद्दा बता रहे हैं. सुरक्षा के लिहाज से भी कुंभ से पहले ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं.