स्पोर्ट्स डेस्क : 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने गजब कर दिया, 11 गेंदों में अर्धशतक जड़कर ऐसा वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है, जिसे तोड़ने में शायद किसी को लंबा वक्त लग जाए, फिलहाल वैभव की इस पारी की हर तरफ तारीफ हो रही है. लेकिन क्या इसके पीछे की कहानी आपको पता है, आखिर वैभव क्या सोचकर मैदान में उतरे थे. क्या वो पूरी श्रीलंकाई टीम को धराशायी करना चाहते थे. अकेले ही उन्हें ये बताना चाहते थे कि पिछले मैच में जो लड़ाई हुई, उसका बदला बल्ले से दिया जाएगा, क्योंकि जो तस्वीर पिछले मैच से आई थी, उसमें साफ दिख रहा था कैसे वैभव सूर्यवंशी अकेले श्रीलंकाई खिलाड़ियों से भिड़ गए थे. तब दाम्बुला में हुए मुकाबले में सुपर ओवर में भारत हार गया था, जिसके बाद श्रीलंका के खिलाड़ी विशेन हलमबागे ने वैभव की स्लेजिंग करते हुए कहा मैच खत्म हो गया, अब घर जाओ.
एक खिलाड़ी ने चिढ़ाते हुए कहा था, ये आईपीएल नहीं है, जिसे वैभव ने दिल पर ले लिया, उसकी वजह से वैभव की किरकिरी भी हुई, और संजय मांजरेकर ने तो ये तक कह दिया कि मैं होता तो वैभव को अगले मैच में लेता ही नहीं, लेकिन उसी दाम्बुला की पिच पर, जहां बहस हुई थी, वहां वैभव जब टीम इंडिया ए की ओर से श्रीलंका के खिलाफ खेलने उतरे तो शुरुआत से ही बेहद आक्रमक नजर आए.
श्रीलंकाई गेंदबाज शिराज की गेंद पर चौका जड़कर अपना खाता खोला, फिर अगली गेंद पर भी चौका जड़ा. उसके बाद जब शिराज अपना दूसरा ओवर लेकर आए तो, वैभव ने पहली गेंद पर चौका, दूसरी और तीसरी गेंद पर लगातार छक्का जड़ा, फिर चौथी गेंद पर कोई रन नहीं लिया, पांचवीं गेंद पर छक्का और छठी गेंद पर चौका जड़कर श्रीलंकाई खेमे को सन्न कर दिया. अब तक वैभव ने 8 गेंद में 34 रन बना चुके थे.
उसके बाद अगला ओवर श्रीलंकाई गेंदबाज दुलाज लेकर आते हैं, जिनकी तीसरी गेंद पर चौका, और चौथी-पांचवीं पर लगातार दो छक्के जड़कर अपना अर्धशतक वैभव पूरा करते हैं. यहां वैभव की रनों की भूख शांत नहीं होती, बल्कि दुलाज के ओवर की आखिरी गेंद पर भी वैभव चौका जड़ देते हैं, और उसके बाद तो जो गेंदबाज आया, वैभव ने उसका भूत भगा दिया.
पिच पर फील्डर बाउंड्री से गेंद लाते-लाते थक रहे थे, और अंपायर हाथ उठा-उठाकर थकते दिख रहे थे, क्योंकि 15 साल के लड़के ने जो कमाल किया, वो सिर्फ खेल नहीं, बल्कि बदले का वो रूप दिख रहा था, जिसने श्रीलंकाई कप्तान के होश उड़ा दिए, अगर वो 29 गेंद पर 94 रन बनाने के बाद वैभव को आउट नहीं करवा पाते, तो फिर वैभव के हाथों आज दुनिया का एक बड़ा रिकॉर्ड बन जाता..
31 गेंदों में सबसे तेज वनडे शतक का रिकॉर्ड एबी डिविलियर्स के नाम है, जिसे वैभव सूर्यवंशी इस मैच में तोड़ सकते थे. इसीलिए जब वो आउट हुए तो उनके चेहरे पर इसका मलाल साफ दिखा, वो अफसोस करते हुए आउट होने के बाद पवेलियन लौटे, लेकिन वैभव ने जो पारी खेली, उसकी हर तरफ तारीफ हो रही है.