Bharat Tiwari Encounter : भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में हुए चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने नया मोड़ ले लिया है. एक ओर जहां मृतक भरत तिवारी के परिजन और विपक्षी दल इस मुठभेड़ को फर्जी बता रहे हैं, वहीं पुलिस ने मामले में तीन अलग-अलग FIR दर्ज कर बड़ी कार्रवाई की है. इन FIR में मृतक भरत तिवारी, उसके पिता और भाई समेत कई अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है.
पुलिस के अनुसार 17 जून को बिलौटी गांव के पास हुई मुठभेड़ के दौरान भरत तिवारी की मौत हुई थी. पुलिस का दावा है कि भरत तिवारी आपराधिक गतिविधियों में शामिल था और पुलिस टीम पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई में मारा गया. इस मामले में दर्ज पहली FIR में भरत तिवारी और उसके सहयोगियों पर पुलिस पर हमला करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और हथियारों के इस्तेमाल जैसे आरोप लगाए गए हैं.
दूसरी FIR में भरत तिवारी के पिता और भाई को नामजद किया गया है. पुलिस का आरोप है कि उन्होंने जांच और कार्रवाई में बाधा पहुंचाने तथा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास किया. वहीं, तीसरी FIR विरोध प्रदर्शन और सड़क जाम के दौरान हुई घटनाओं को लेकर दर्ज की गई है, जिसमें स्थानीय मुखिया समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है.
दूसरी तरफ, भरत तिवारी के परिजन लगातार इसे फर्जी एनकाउंटर बता रहे हैं. परिवार का आरोप है कि भरत को पहले हिरासत में लिया गया और बाद में मुठभेड़ की कहानी गढ़ी गई. मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. विपक्षी दलों ने न्यायिक जांच की मांग की थी, जिसके बाद बिहार सरकार ने उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने का फैसला किया है.