काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर दो के पास अचानक से कुछ बदमाश पहुंचते हैं. माफिया अंकित यादव फिल्मी स्टाइल में पहले बोट से गंगा पार करके उतरता है और सीधा उस घर में घुसता है, जहां से उसकी पुरानी दुश्मनी थी. वहां रहने वाले 6 लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करता है और फिर फरार हो जाता है. ये सब उस हाई सिक्योरिटी जोन में होता है, जहां जाने के लिए आपकी तगड़ी चेकिंग होती है. चप्पे-चप्पे पर पुलिस खड़ी होती है.
दर्जनों सीसीटीवी कैमरे लगे होते हैं. ये खबर जैसे ही ऊपर तक पहुंचती है वाराणसी के पुलिस कमिश्नर गुस्से से लाल हो उठते हैं. बात सीधा पीएम मोदी और सीएम योगी तक पहुंच जाती है. वाराणसी के पुलिस कमिश्नर आनन-फानन में मीटिंग बुलाते हैं. कैंप कार्यालय में एक-एक पुलिसवालों की पेशी होती है. पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल एक-एक कर तीनों जोन के DCP, ADCP, ACP, कई थानेदार और LIU के ऑफिसर से बात करते हैं.
वे पूछते हैं, बताइए शहर में शांति व्यवस्था क्यों नहीं बन पा रही है. काशी विश्वनाथ क्षेत्र में इतनी बड़ी वारदात कैसे हो गई. दशाश्वमेध घाट के इंस्पेक्टर राकेश पाल और चौकी इंचार्ज सही जवाब नहीं दे पाते, तो तुरंत सस्पेंड कर दिए जाते हैं. इसके बाद शिवपुर क्षेत्र के थानाध्यक्ष रविशंकर त्रिपाठी की बारी आती है. कमिश्नर साहब पूछते हैं 3 दिनों में 5 जगह चोरी कैसे हुई. आपकी टीम क्या कर रही है.
थानाध्यक्ष गोलमोल जवाब देने लगते हैं, जिसे सुनते ही कमिश्नर साहब उन्हें ऐसा डंपते हैं कि बात सीधा गेट आउट के बाद ही जाकर रुकती है. दारोगाजी मीटिंग से डांटकर भगा दिए जाते हैं. ये बात जैसे ही बाहर पता चलती है पब्लिक में चर्चा का विषय बन जाती है. कोई कहता है कमिश्नर मोहित अग्रवाल एकदम सीएम योगी की तरह रौद्र रूप में आ चुके हैं तो कोई कहता है कमिश्नर ऐसे ही होने चाहिए. मीटिंग खत्म होने के बाद कमिश्नर मोहित अग्रवाल 10 बड़े आदेश जारी करते हैं.
अगर किसी ने लापरवाही की तो उसकी कुर्सी पर भी बुलडोजर चल सकता है. क्योंकि काशी में शांति अगर नहीं तो फिर नौकरी में शांति की उम्मीद किसी पुलिसकर्मी को नहीं करनी चाहिए. जिस अंकित यादव ने काशी विश्वनाथ मंदिर के पास इतना बड़ा खेल किया. उसकी मदद किसने की. ये भी जांच का मामला है. कमिश्नर अग्रवाल ने फिलहाल 20 से ज्यादा ऑफिसर्स को सस्पेंड कर दिया है.
पूरे वाराणसी कमिश्नरी में 2 थानेदार और एक चौकी प्रभारी को भी सस्पेंड कर दिया गया है. काशी, गोमती और वरुणा जोन के 13 थानेदारों को हटा दिया. SO, SHO समेत 22 दरोगा का ट्रांसफर हुआ है. कुछ ही देर में इतने बड़े तबादले से पूरे शहर में हड़कंप मच गया. जो पुलिसकर्मी मौज में ड्यूटी करते थे, तुरंत एक्टिव हो गए.