नई दिल्ली: रामनगरी अयोध्या इन दिनों श्रद्धा और उल्लास से ओत-प्रोत है. श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ 'प्रतिष्ठा द्वादशी' के रूप में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई जा रही है. इस पावन अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या पहुंचे.
दोनों नेताओं ने सबसे पहले हनुमानगढ़ी मंदिर में बजरंगबली के दर्शन किए. यहां विधिवत पूजा-अर्चना की, आरती उतारी और फूल-माला अर्पित की. मंदिर परिसर में 'जय श्रीराम' के नारे लगातार गूंजते रहे. हनुमानगढ़ी के महंत ने दोनों का स्वागत किया, तिलक लगाया, माला पहनाई और प्रसाद भेंट किया. इसके बाद परिक्रमा करते हुए रक्षा मंत्री ने महंत के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया.
हनुमानगढ़ी के बाद दोनों नेता राम मंदिर पहुंचे. यहां रामलला और राम दरबार के समक्ष विधि-विधान से पूजन और दर्शन किए. राम मंदिर परिसर में स्थित माता अन्नपूर्णा मंदिर के शिखर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने धर्म ध्वजा फहराई, जिसमें सीएम योगी उनके साथ मौजूद रहे. कार्यक्रम के आगे के चरण में दोनों नेता अंगद टीला पहुंचेंगे, जहां वे जनसभा को संबोधित करेंगे.
इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और संत उपस्थित रहेंगे. राम मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ जुटी हुई है. देश-विदेश से आए रामभक्त लंबी लाइनों में दर्शन कर रहे हैं. सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखा गया है ताकि किसी को असुविधा न हो. प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष बाद अयोध्या अब न केवल आस्था का प्रमुख केंद्र बनी है, बल्कि विकास और पर्यटन के मामले में भी तेजी से आगे बढ़ रही है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यहां बुनियादी ढांचे का विस्तार हुआ है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं और पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यह उत्सव आध्यात्मिकता के साथ-साथ समृद्धि और प्रगति का भी प्रतीक बन चुका है.