पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठ को लेकर अब प्रशासन पूरी तरह सख्त मोड में दिखाई दे रहा है। शपथ लेने के एक महीने के भीतर ही मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने लगातार कई बड़े फैसले लिए हैं। अब राज्य में संदिग्ध घुसपैठियों के लिए होल्डिंग सेंटर भी तैयार कर दिए गए हैं, जहां पकड़े गए लोगों को कड़ी निगरानी में रखा जा रहा है।
मालदा से सामने आई तस्वीरों ने इस कार्रवाई को लेकर नई बहस छेड़ दी है। जानकारी के मुताबिक चंदन पार्क इलाके में एक बिल्डिंग को होल्डिंग सेंटर में बदला गया है। यहां 9 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को रखा गया है। पूरे परिसर में 24 घंटे CCTV निगरानी की व्यवस्था की गई है, जबकि बाहर पुलिस और सिविल डिफेंस कर्मियों की तैनाती की गई है ताकि कोई भी व्यक्ति वहां से भाग न सके।
बताया जा रहा है कि इन संदिग्धों को गाजोल के पांडुआ इलाके से पकड़ा गया था। पूछताछ के दौरान ये लोग अपने वैध दस्तावेज नहीं दिखा पाए, जिसके बाद इन्हें हिरासत में लेकर होल्डिंग सेंटर भेज दिया गया।
इसी तरह मुर्शिदाबाद के लालगोला इलाके में भी एक अलग होल्डिंग सेंटर बनाया गया है। यहां तीन संदिग्ध घुसपैठियों को रखा गया है। प्रशासन की ओर से खाने-पीने और रहने की व्यवस्था की गई है, लेकिन बाहर जाने की अनुमति नहीं है। कुछ मामलों में सीमित फोन सुविधा भी दी जा रही है।
जानकारों का कहना है कि “डिटेंशन सेंटर” की जगह “होल्डिंग सेंटर” शब्द का इस्तेमाल जानबूझकर किया जा रहा है। इसका उद्देश्य संदिग्धों को लंबे समय तक रखने के बजाय जल्द पहचान कर कानूनी प्रक्रिया के तहत वापस भेजना बताया जा रहा है।
इसी बीच राज्य सरकार की ओर से लिए गए पांच बड़े फैसलों की भी चर्चा तेज हो गई है। सरकार ने कथित तौर पर नया इमिग्रेशन सिस्टम लागू किया है, जिसके तहत पुलिस को संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई के ज्यादा अधिकार दिए गए हैं। इसके अलावा पकड़े गए लोगों को BSF को सौंपने, अस्थायी होल्डिंग सेंटर बनाने, CAA के तहत आए समुदायों को अलग श्रेणी में रखने और सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन उपलब्ध कराने जैसे कदमों पर काम तेज किया गया है।
राजनीतिक हलकों में इसे केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त सुरक्षा अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार सीमा क्षेत्रों में निगरानी और सख्त की जा रही है ताकि भविष्य में अवैध घुसपैठ को रोका जा सके।
इसी दौरान यूपी के गोरखपुर में बने डिटेंशन सेंटर की भी चर्चा हो रही है। बंगाल में होल्डिंग सेंटर बनने के कुछ ही समय बाद कई संदिग्धों की गिरफ्तारी ने इस पूरे मुद्दे को और राजनीतिक बना दिया है। आने वाले दिनों में राज्य में इस विषय पर और बड़े फैसले सामने आ सकते हैं।