कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्यभर में अवैध टोल वसूली और बिना अनुमति लगाए गए ड्रॉप गेट्स के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है. मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल द्वारा जारी हालिया निर्देशों के अनुसार, राज्य में ऐसे सभी टोल गेट, ड्रॉप गेट और बैरिकेड्स, जिन्हें सरकारी स्वीकृति प्राप्त नहीं है, उन्हें तत्काल प्रभाव से बंद किया जाएगा. प्रशासनिक स्तर पर इस अभियान को गंभीरता से लागू करने के लिए सभी जिलाधिकारियों और जिला प्रशासन को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय अवैध वसूली केंद्रों की पहचान करने और उन्हें हटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
सुभेंदु सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अनधिकृत स्थान पर सड़क उपयोगकर्ताओं, वाहन चालकों या आम नागरिकों से धन वसूली पूरी तरह गैरकानूनी मानी जाएगी और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए. निर्देशों में यह भी कहा गया है कि भविष्य में कहीं भी नए अवैध टोल या ड्रॉप गेट स्थापित न हो सकें, इसके लिए स्थानीय प्रशासन को नियमित निगरानी व्यवस्था मजबूत करनी होगी. इसका उद्देश्य आम लोगों को अनावश्यक आर्थिक बोझ और अवैध वसूली से राहत देना है.
मुख्य सचिव के आदेश के तहत प्रत्येक जिले को अपने क्षेत्र में मौजूद सभी टोल वसूली केंद्रों चाहे वे वैध हों या अवैध हो. विस्तृत सूची तैयार करें. इस सूची में संबंधित स्थान, संचालन की स्थिति और वैधता की जानकारी शामिल की जाएगी. सभी जिलों को यह रिपोर्ट 15 मई को दोपहर 12 बजे तक अवर सचिव को सौंपनी होगी. यह कदम राज्य में पारदर्शिता बढ़ाने, प्रशासनिक नियंत्रण मजबूत करने और गैरकानूनी वसूली पर पूर्ण रोक लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है. सरकार का लक्ष्य है कि जनता को सुरक्षित, निष्पक्ष और भ्रष्टाचार-मुक्त यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराई जा सके.