Prateek Yadav Death Case : प्रतीक यादव की संदिग्ध मौत के मामले में जांच लगातार तेज होती जा रही है. पुलिस ने मृतक के बेडरूम को सील कर दिया है और वहां से लैपटॉप, मोबाइल फोन समेत कई अहम इलेक्ट्रॉनिक उपकरण कब्जे में लिए हैं. जांच एजेंसियां अब डिजिटल साक्ष्यों के जरिए मौत से जुड़े हर पहलू को खंगालने में जुटी हैं. पुलिस का मानना है कि मोबाइल कॉल डिटेल, चैट्स, सोशल मीडिया एक्टिविटी और लैपटॉप डेटा से कई महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं.
मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं. शुरुआती मेडिकल रिपोर्ट में जहरीले पदार्थ के सेवन की आशंका जताई गई है. सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल टीम ने सभी जरूरी सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं. उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध पॉइजनिंग का प्रतीत हो रहा है, लेकिन मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी.
इधर, पुलिस मृतक के करीबी दोस्तों, परिवार के सदस्यों और संपर्क में रहने वाले लोगों से पूछताछ कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि हर एंगल से जांच की जा रही है, ताकि किसी भी संभावना को नजरअंदाज न किया जाए. वहीं, घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी दुख और चिंता का माहौल बना हुआ है.
अस्पताल प्रशासन ने साफ किया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक आत्महत्या, हादसा या किसी अन्य वजह से मौत होने की स्थिति स्पष्ट नहीं कही जा सकती. फिलहाल प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और जांच पूरी होने तक धैर्य बनाए रखने की अपील की है. पुलिस और फॉरेंसिक टीम मामले से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी जुटाने में लगी हुई है, ताकि जल्द से जल्द सच्चाई सामने लाई जा सके.