नई दिल्ली: कहते हैं कि परोपकार घर से शुरू होता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आर्थिक दबावों के बीच कोविड-काल वाली मितव्ययिता अपनाने की अपील के बाद, भाजपा पर अपनी ही मंत्रियों द्वारा रोडशो करने और बड़ी-बड़ी कॉन्वॉय में घूमने का पाखंड का आरोप लगा. जैसे-जैसे आलोचना बढ़ी और आक्रोश फैला, कई भाजपा शासित राज्यों ने और प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं बात को अमल में लाना शुरू कर दिया.
जबकि प्रधानमंत्री मोदी और कई भाजपा मुख्यमंत्री अपने कॉन्वॉय के आकार को काफी कम कर चुके हैं, महाराष्ट्र ने मंत्रियों को अनावश्यक उड़ानों से बचने और वर्चुअल मीटिंग्स करने का निर्देश दिया. मंत्री कपिल मिश्रा और रामदास अठावले बुधवार को कार्यालय मेट्रो से जाते देखे गए, जबकि महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार ने फ्रांस के कान फिल्म फेस्टिवल का अपना दौरा रद्द कर दिया.
पीएम मोदी की मितव्ययिता अपील
हार्मुज जलडमरूमध्य का लंबे समय तक बंद रहना ने भारत में तेल और एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित कर दी है. भारत अपनी 85% से अधिक कच्चे तेल की जरूरतें आयात करता है, जिससे यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है. चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे कई देशों ने पहले ही ईंधन राशनिंग और वर्क-फ्रॉम-होम उपाय घोषित कर दिए थे. भारत ने हालांकि शुरुआत में इंतजार किया.
11 मई को, चार राज्यों के चुनाव समाप्त होने के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने सामूहिक त्याग की अपील की और नागरिकों से ईंधन बचाने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने तथा वर्क-फ्रॉम-होम को फिर से अपनाने की अपील की. विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए उन्होंने नागरिकों से एक साल तक सोने की खरीदारी टालने और विदेशी छुट्टियों व डेस्टिनेशन वेडिंग से बचने की अपील की. खाने के तेल के इस्तेमाल में कमी और आयातित उर्वरकों को घटाने का भी पीएम मोदी के भाषण में जिक्र था.
विपक्ष ने पीएम मोदी साधा निशाना
हालांकि, विपक्ष ने पीएम मोदी की अपील और गुजरात व असम में उनकी भव्य राजनीतिक गतिविधियों के बीच अंतर को तुरंत उजागर कर दिया. मध्य प्रदेश के भाजपा नेता सौभाग्य सिंह ठाकुर की 200 वाहनों वाली विशाल कॉन्वॉय की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं, जिससे और आक्रोश फैला.
आलोचना के बीच कई भाजपा शासित राज्यों ने मितव्ययिता के उपाय घोषित किए. प्रधानमंत्री मोदी खुद आगे आए. सूत्रों के अनुसार उन्होंने अपने कॉन्वॉय के आकार में 50% कमी करने का आदेश दिया और इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के इस्तेमाल पर जोर दिया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मात्र पांच कारों वाली कॉन्वॉय के साथ यात्रा करते देखे गए जो आमतौर पर 10-11 वाहनों वाली होती थी. उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार और दिल्ली के मुख्यमंत्री ने भी इसी तरह के निर्देश जारी किए.
राज्यों द्वारा अपनाए गए मितव्ययिता उपाय