नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के महासचिव दत्तात्रेय होसबले ने पाकिस्तान के साथ संबंधों पर महत्वपूर्ण और बड़ी टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि भारत को पाकिस्तान के साथ बातचीत का रास्ता हमेशा खुला रखना चाहिए. होसबले ने एक न्यूज एजेंसी को दिए एक साक्षात्कार में स्पष्ट किया कि देश की सुरक्षा और आत्मसम्मान सर्वोपरि है, लेकिन इसके साथ-साथ संवाद का दरवाजा बंद नहीं करना चाहिए.
VIDEO | When asked how India should deal with Pakistan, RSS General Secretary Dattatreya Hosabale, in an exclusive interview with PTI, says, "...If Pakistan is like a pinprick trying to create incidents like Pulwama, etc., we have to answer appropriately according to the… pic.twitter.com/AxpH1oBWuw
— Press Trust of India (@PTI_News) May 12, 2026
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उदाहरण देते हुए कहा कि भारत ने शांति की कई पहल कीं. अटल जी लाहौर बस यात्रा कर चुके हैं और मोदी जी ने शपथ ग्रहण में पाकिस्तान को आमंत्रित किया था तथा एक पाकिस्तानी नेता की शादी में भी शामिल हुए थे.
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद अगर पाकिस्तान पुलवामा जैसे हमले करता है या छोटी-छोटी हरकतें जारी रखता है, तो भारत को सख्त और उचित जवाब देना ही होगा. फिर भी, तनाव की स्थिति में भी दोनों देशों के बीच बातचीत का एक रास्ता खुला रखना चाहिए.
मुस्लिम नेतृत्व और लव जिहाद पर क्या कहा
मुस्लिम समुदाय पर बात करते हुए होसबले ने कहा कि मुसलमानों में राष्ट्रवादी नेतृत्व खोजना काफी कठिन है. उन्होंने दावा किया कि यह समुदाय ज्यादातर उन नेताओं का साथ देता है जो अलगाववादी रुख रखते हैं. लव जिहाद को उन्होंने एक सोची-समझी साजिश बताया. उनके अनुसार, जब हिंदू लड़कियों को लक्ष्य करके कोई व्यवस्थित एजेंडा चलाया जाता है, तो इसे प्यार नहीं, बल्कि साजिश माना जाना चाहिए.
चुनाव नतीजे और सनातन को लेकर क्या कहा
पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों पर होसबले ने कहा कि वहां हर हिंदू वोटर खुद को हिंदू कार्यकर्ता की भूमिका में आ गया था. उन्होंने टिप्पणी की कि जब किसी को दीवार से सटा दिया जाता है, तो वह जोरदार जवाब देता है. उदयनिधि स्टालिन के ‘सनातन को खत्म कर दो’ वाले बयान पर उन्होंने कहा कि सनातन भारत की आत्मा और जीवन मूल्यों का नाम है. यह किसी रीति-रिवाज से आगे की बात है. उन्होंने इसे बरगद के पेड़ से जोड़कर समझाया कि यह शाश्वत है और समय के साथ और भी मजबूत होता जाता है.
हिंदू राष्ट्र, युद्ध और लालच सब पर की बात
अल्पसंख्यकों को भरोसा दिलाने के सवाल पर होसबले ने कहा कि भारत में मुसलमानों के साथ दूसरे दर्जे का व्यवहार नहीं होता. सरकारी योजनाएं सब तक पहुंच रही हैं और RSS अल्पसंख्यक नेताओं से लगातार संवाद करता रहता है. उन्होंने जोर देकर कहा, ''हम कोई हिंदू राष्ट्र बनाने नहीं जा रहे, भारत पहले से ही हिंदू राष्ट्र है. ब्रिटिश काल में भी यह सांस्कृतिक रूप से हिंदू राष्ट्र ही था.''
पश्चिम एशिया के मौजूदा संघर्ष पर होसबले ने कहा कि युद्ध मुख्य रूप से लालच और खराब सोच से जन्म लेते हैं. उन्होंने कहा कि पिछले 30 सालों में दुनिया में ऐसा कोई समय नहीं रहा जब कहीं न कहीं युद्ध न चल रहे हों. पहले तेल को लेकर युद्ध होते थे, अब पानी को लेकर होने की आशंका जताई जा रही है. उन्होंने जोर दिया कि युद्ध इंसानियत को पूरी तरह खत्म तो नहीं कर सकते, लेकिन इंसानी जिंदगी पर गहरा असर जरूर डालते हैं.