नई दिल्ली: मंगलवार को चांदी की कीमतें शुरुआती बढ़त के बाद काफी गिर गईं. एक किलोग्राम चांदी की कीमत 1,346 रुपए टूटकर 2.76 लाख रुपए के स्तर पर आ पहुंची. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर जुलाई महीने का चांदी अनुबंध 0.48% की गिरावट के साथ 2,76,965 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ. इस दौरान कुल 7,451 लॉट का कारोबार दर्ज किया गया.
विश्लेषकों के अनुसार, बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ने से कीमतों पर असर पड़ा. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से निवेशकों की कीमती धातुओं में रुचि घटी, जिससे चांदी पर दबाव बना.
वैश्विक बाजार में भी चांदी की कीमत 1.24% गिरकर 84.88 डॉलर प्रति औंस रह गई. कारोबारियों का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शांति प्रस्ताव को ईरान द्वारा अस्वीकार किए जाने के बाद सर्राफा बाजार में अस्थिरता देखी जा रही है.
आज भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई. आईटी, रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और वित्तीय सेवाओं के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान पर बंद हुए. बाजार बंद होने के समय Sensex 1,456 अंक टूटकर 74,559.24 पर पहुंच गया, जबकि Nifty 436 अंक की गिरावट के साथ 23,379.55 पर सेटल हुआ.
दिनभर का कारोबार बेहद कमजोर रहा. कुल 3,219 शेयरों में गिरावट आई, जबकि सिर्फ 875 शेयर हरे निशान पर बंद हुए. खासतौर पर रियल्टी और आईटी क्षेत्र के शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव रहा. Nifty Smallcap 100 इंडेक्स भी 3 प्रतिशत से अधिक टूट गया. India VIX 19 के ऊपर बना रहा, जिससे बाजार में अनिश्चितता और वोलैटिलिटी बढ़ती नजर आई. इस गिरावट के चलते निवेशकों को एक दिन में ही 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ.
NSE के सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल रंग में बंद हुए. डिफेंस, रियल्टी और आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहे. निफ्टी के 47 शेयरों में गिरावट आई, जबकि शीर्ष नुकसान उठाने वाले शेयरों में श्रीराम फाइनेंस, टेक महिंद्रा और अडानी पोर्ट्स शामिल रहे.
कुल मिलाकर, कमजोर वैश्विक संकेतों, लगातार बनी वोलैटिलिटी और सेक्टरल बिकवाली ने निवेशक को प्रभावित किया.