कोलकाता : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शिवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में जांच लगातार गहराती जा रही है. जांच एजेंसियों को अब शक है कि यह पूरी वारदात एक सुनियोजित सुपारी किलिंग थी, जिस पर एक करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए गए हो सकते हैं. मामले में अब तक कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिनसे बड़े आपराधिक नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है. पश्चिम बंगाल पुलिस के अनुसार, इस हत्या में कम से कम आठ लोगों की भूमिका हो सकती है. गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है, लेकिन वे बार-बार अपने बयान बदल रहे हैं.
अदालत ने तीनों आरोपियों को 24 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है. राज्य सरकार की सिफारिश के बाद सीबीआई ने भी मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है और नए सिरे से एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.
सीबीआई की विशेष टीम अब हत्या के पीछे की बड़ी साजिश और संभावित मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि जांच में अंतरराज्यीय अपराधियों के कनेक्शन और आर्थिक लेनदेन के पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है. शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि हत्या को बेहद पेशेवर तरीके से अंजाम दिया गया.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वारदात में इस्तेमाल दो हथियारों में से एक की कीमत 10 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है. इसके अलावा शार्प शूटरों को हायर करने, इलाके की रेकी कराने, भागने के लिए वाहन जुटाने और पूरी योजना को अंजाम देने में बड़ी रकम खर्च की गई. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस ऑपरेशन के लिए पैसा किसने मुहैया कराया.
फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से खून के नमूने और अन्य अहम सबूत जुटाए हैं. वहीं बैलिस्टिक जांच के जरिए हथियारों और हमलावरों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है. जांच में यह भी सामने आया है कि इस्तेमाल किए गए वाहनों की नंबर प्लेट फर्जी थीं और इंजन-चेसिस नंबरों से छेड़छाड़ की गई थी. मामले से जुड़ी दो मोटरसाइकिलें भी बरामद की गई हैं, जिनमें एक घटनास्थल के पास और दूसरी बारासात इलाके से मिली.