कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सार्वजनिक सड़कों पर नमाज को लेकर एक बार फिर सियासी बहस तेज हो गई है. बीजेपी विधायक अर्जुन सिंह के एक बयान के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है. अर्जुन सिंह ने एक इंटरव्यू में कहा कि राज्य में अब सार्वजनिक सड़कों पर नमाज की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए. उनका कहना है कि नमाज पढ़ने के लिए मस्जिदें बनी हैं और लोगों को वहीं जाकर इबादत करनी चाहिए.
बीजेपी विधायक ने कहा कि सड़कों पर नमाज के कारण आम लोगों को परेशानी होती है. ट्रैफिक बाधित होता है और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होती है. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर धार्मिक गतिविधियों के लिए सार्वजनिक स्थानों का इस्तेमाल बढ़ता गया तो इससे कानून-व्यवस्था की समस्या भी खड़ी हो सकती है.
अर्जुन सिंह के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है. बीजेपी नेताओं ने इसे सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा बताया, जबकि विपक्षी दलों ने इस बयान को धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति करार दिया. विपक्ष का कहना है कि बीजेपी चुनावी माहौल में धार्मिक मुद्दों को उछालकर माहौल को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है.
पश्चिम बंगाल में पहले भी सड़कों पर नमाज और धार्मिक आयोजनों को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं. कई बार प्रशासन को ट्रैफिक डायवर्जन और सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़े हैं. ऐसे में यह मुद्दा केवल धार्मिक नहीं बल्कि प्रशासनिक और राजनीतिक बहस का विषय भी बन गया है.
फिलहाल अर्जुन सिंह के बयान पर राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में सियासी बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं. पश्चिम बंगाल में धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों का यह टकराव अब नई बहस को जन्म देता दिख रहा है.