नई दिल्ली: भाजपा अब 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर पूरी तरह सक्रिय हो गई है. हाल के दिनों में पार्टी और एनडीए ने कई राज्यों में अपनी सरकारें मजबूत की हैं. असम में तीसरी बार हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में एनडीए सरकार बनी. गुवाहाटी में हुई शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई प्रमुख नेता मौजूद रहे.
इससे पहले 9 मई को कोलकाता में भाजपा की पश्चिम बंगाल में पहली सरकार का शपथ ग्रहण हुआ. बिहार और उत्तर प्रदेश में भी एनडीए सरकारों का मंत्रिमंडल विस्तार हो चुका है. अब सबकी नजरें भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पर हैं, जो अपनी टीम बनाने की तैयारी में हैं.
केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव की संभावना
इस महीने 26 तारीख को मोदी सरकार के केंद्र में 12 साल पूरे हो रहे हैं, जबकि जून में मोदी 3.0 सरकार के दो साल पूरे होने वाले हैं. पिछले अनुभवों के मुताबिक इस समय मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल की अटकलें जोर पकड़ चुकी हैं. वर्तमान में केंद्रीय मंत्रिमंडल में 72 सदस्य हैं, जबकि अधिकतम 81 तक मंत्री रखे जा सकते हैं. माना जा रहा है कि कुछ नए चेहरों को जगह मिलेगी, साथ ही कम प्रदर्शन वाले कुछ मौजूदा मंत्रियों को हटाया भी जा सकता है. अगले साल सात राज्यों के विधानसभा चुनावों को देखते हुए क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन पर खास ध्यान दिया जाएगा.
नितिन नवीन की नई टीम
20 जनवरी को भाजपा अध्यक्ष बने नितिन नवीन जल्द ही अपनी राष्ट्रीय टीम की घोषणा कर सकते हैं. सूत्रों के अनुसार, टीम गठन का काम लगभग पूरा हो चुका है. नई टीम में युवा चेहरों को बड़ी भूमिका दी जाएगी. खासतौर पर 50 साल से कम उम्र के नेताओं को प्राथमिकता मिलने की संभावना है, ताकि भविष्य की नेतृत्व पंक्ति तैयार हो सके. अनुभवी नेताओं को भी उचित स्थान दिया जाएगा.
राष्ट्रीय महासचिवों जैसे अहम पदों पर कई नए चेहरों को लाया जा सकता है. इनमें राज्यों से उभरे युवा और सक्रिय नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर मौका मिलेगा. महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर रहने की खबर है.आरएसएस और भाजपा नेतृत्व के बीच लंबी चर्चा के बाद नितिन नवीन का चयन हुआ था.
टीम गठन में भी उसी तरह विचारधारा, संगठनात्मक क्षमता, कार्यकर्ताओं से जुड़ाव और आने वाले 15-20 साल की रणनीति को ध्यान में रखा जा रहा है. कुल मिलाकर, भाजपा ‘मिशन 2029’ को लेकर संगठन और सरकार दोनों मोर्चों पर तैयारियों को तेज कर रही है.