पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्रात चौधरी ने निजी स्कूलों में हो रही मनमानी फीस वसूली पर सख्ती से रोक लगाने का बड़ा फैसला लिया है. सरकार अब सभी प्राइवेट स्कूलों को अपनी पूरी फीस संरचना सार्वजनिक रूप से करना अनिवार्य कर रही है. इसके साथ ही छात्र अब किताबें और यूनिफॉर्म किसी भी दुकान या जगह से खरीद सकेंगे. स्कूलों को छात्रों या उनके अभिभावकों पर कोई दबाव बनाने की अनुमति नहीं होगी.
क्या-क्या निर्देश दिए गए?
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि इस कदम से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी, अभिभावकों के हित सुरक्षित होंगे और निजी स्कूलों में जवाबदेही बढ़ेगी.
सहयोग पोर्टल और हेल्पलाइन का शुभारंभ इसके अलावा मुख्यमंत्री ने सहयोग पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1100 का उद्घाटन किया. इस पोर्टल के माध्यम से आम लोगों की शिकायतों और समस्याओं का तेजी से समाधान किया जाएगा.
सरकार का लक्ष्य है कि पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर लगाकर लोगों की समस्याओं का 30 दिनों के अंदर निपटारा किया जाए. जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक इसकी लगातार निगरानी करेंगे. यह पहल ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ के संकल्प के तहत की गई है, जिससे आम नागरिकों को राहत मिलेगी.