NEET-UG case: महाराष्ट्र के नासिक में बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BAMS) का एक छात्र NEET-UG 2026 प्रश्न पत्र लीक घोटाले के केंद्र में रहे गेस पेपर को खरीदने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. आरोपी की पहचान शुभम खैरनार के रूप में हुई है. उसने कथित तौर पर टेलीग्राम के जरिए प्रश्न पत्र खरीदा और उसे आगे हरियाणा स्थित एक खरीदार को बेच दिया. नासिक क्राइम ब्रांच ने खैरनार को गिरफ्तार किया है.
NEET-UG प्रश्न पत्र लीक की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की चार टीमें खैरनार की कस्टडी लेने के लिए नासिक पहुंच गई हैं. इस नई गिरफ्तारी से पहले की थ्योरी पर भी सवाल उठ गए हैं कि पेपर नासिक के प्रिंटिंग प्रेस से सीधे लीक हुआ था. पुलिस सूत्रों का अब कहना है कि परीक्षा का पेपर वहां प्रिंट नहीं किया गया था.
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) का आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा 3 मई को मेडिकल शिक्षा के अंडरग्रेजुएट कोर्सेस में दाखिले के लिए इच्छुक छात्रों के लिए किया गया था.
परीक्षा किया गया रद्द
एक हफ्ते से ज्यादा समय बाद, मंगलवार 12 मई को NTA ने बढ़ते विवाद के बीच 2026 NEET-UG परीक्षा रद्द कर दी. राजस्थान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के बाद यह फैसला लिया गया. NTA ने 10 मई को X पर पोस्ट करते हुए कहा था, "NTA राजस्थान स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप द्वारा NEET (UG) 2026 से जुड़ी कथित अनियमितताओं पर शुरू की गई कार्रवाई के रिपोर्ट से अवगत है. 3 मई 2026 को परीक्षा पूर्ण सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत निर्धारित समय पर आयोजित की गई थी."
परीक्षा आयोजक प्राधिकरण के अनुसार, 7 मई की शाम को कथित अनियमितताओं की सूचना मिली थी (यानी परीक्षा के चार दिन बाद) और 8 मई की सुबह इसे केंद्रीय एजेंसियों को स्वतंत्र सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया गया था. NTA ने कहा कि मीडिया में हालिया गिरफ्तारियों सहित कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा की गई कार्रवाई जांच एजेंसियों के "पेशेवर और समय पर काम" का नतीजा है.
क्या था मामला?
12 मई को NTA द्वारा परीक्षा रद्द करने का ऐलान राजस्थान में हुए घटनाक्रम के बाद आया, जहां राज्य पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने परीक्षा से कुछ दिन पहले प्रश्न पत्र लीक होने के आरोपों की जांच कर रही थी. SOG जांच के अनुसार, पिछले दो दिनों में सामने आई जानकारी के मुताबिक, हैंडराइटन प्रश्नों का एक सेट जो "गेस पेपर" (आखिरी समय की प्रैक्टिस के लिए प्रश्न बैंक) के रूप में घूम रहा था, उसमें परीक्षा के वास्तविक पेपर से काफी मेल पाया गया. परीक्षा में आए कुल 720 मार्क्स में से 600 मार्क्स (लगभग 140 प्रश्न) उस हैंडराइटन पेपर से मिलते-जुलते पाए गए, जो परीक्षा से 2-3 दिन पहले वायरल हुआ था.