कोलकाता : पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के साथ ही कानून- व्यवस्था का परिदृश्य पूरी तरह बदल चुका है. कभी टीएमसी के संरक्षण में पलने वाले गुंडों और बदमाशों की हेकड़ी अब पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बंगाल पुलिस का अपराधियों के खिलाफ महा-एक्शन जारी है, जिससे अपराधियों को अब छिपने की जगह भी नहीं मिल रही है. बोनी डॉन का गुनाहों का किला ध्वस्त हुआ.
ममता राज में बैरकपुर और भाटपारा का कुख्यात अपराधी संजू राय, जो 'बोनी डॉन' के नाम से जाना जाता था, आज पुलिस की गिरफ्त में है. कभी पुलिस और केंद्रीय सुरक्षाबलों को ठेंगा दिखाने वाला बोनी डॉन अब बिना शर्ट और हाफ पैंट में पुलिस कस्टडी में मार्च करने को मजबूर है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, बोनी डॉन के खिलाफ रंगदारी वसूलने, हत्या के प्रयास, बारूदी हमले और तस्करी समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं.
लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी प्रत्याशी अर्जुन सिंह को सीधे धमकी देकर सुर्खियों में आए इस अपराधी का संरक्षण कथित तौर पर अभिषेक बनर्जी के हाथों में था, लेकिन 2026 में सरकार बदलते ही इस अपराधी के बुरे दिन शुरू हो गए और बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट ने इसे इसके गुप्त ठिकाने से दबोच लिया.अपराधियों में खौफ और जनता में विश्वास की भावना जाग चुकी है. यह पहली बार नहीं है जब किसी रसूखदार अपराधी की इस तरह सरेराह परेड निकाली गई हो, इससे पहले टीएमसी के एक और गुंडे, आकाश सिंह का भी सिर मुंडवाकर और दाढ़ी-मूंछ कटवाकर इसी तरह जुलूस निकाला गया था.
पुलिस प्रशासन का कहना है कि अपराधियों की इस प्रकार की परेड का मुख्य उद्देश्य आम जनता के मन से अपराधियों का डर निकालना और कानून का इकबाल बुलंद करना है. सुवेंदु राज में यह स्पष्ट संदेश है कि अब बंगाल में अपराधियों की कोई खैर नहीं होगी.