नई दिल्ली/श्रीनगर: तिहाड़ जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के प्रमुख यासीन मलिक ने अपनी निजी और कानूनी जिंदगी को लेकर बड़ा फैसला लिया है. यासीन मलिक ने अपनी पाकिस्तानी पत्नी मुशाल मलिक से तलाक लेने की इच्छा जताई है. इसके साथ ही उसने कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट की हत्या से जुड़े मामले में मुकदमे का विरोध न करने और अपने लिए मृत्युदंड की मांग की है.
रिपोर्ट के अनुसार, यासीन मलिक ने अदालत में दाखिल एक विस्तृत हलफनामे में कहा कि वह लंबे समय से पत्नी और परिवार से अलग है. उसने दावा किया कि पिछले करीब आठ वर्षों से उसने अपनी पत्नी मुशाल की आवाज तक नहीं सुनी है और नियमित रूप से बातचीत भी नहीं हो पाई है.
पत्नी से कहा- नई जिंदगी शुरू करो
यासीन मलिक ने कथित तौर पर अपनी पत्नी से कहा कि वह उसके इंतजार में अपनी पूरी जिंदगी न बिताए और एक नई शुरुआत करे. मलिक ने यह भी कहा कि उसका फैसला किसी नाराजगी की वजह से नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही परिस्थितियों और अनिश्चितता के कारण है.
हत्या के आरोप से इनकार, फिर भी मांगी फांसी
मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यासीन मलिक ने सरला भट की हत्या में अपनी भूमिका से इनकार किया है, लेकिन साथ ही अदालत से खुद को मृत्युदंड देने की मांग भी की है. उसने कहा है कि वह इस मामले की सुनवाई का मुकाबला नहीं करेगा. यासीन मलिक के इस हलफनामे और दो बड़े फैसलों ने राजनीतिक और कानूनी हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है. अब इस मामले में अदालत आगे क्या रुख अपनाती है, इस पर सबकी नजर रहेगी.