न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भाषण के जवाब में भारत ने करारा पलटवार किया. शरीफ ने सिंधु जल संधि को निलंबित करने की भारत की कार्रवाई को ‘युद्ध की कार्रवाई’ करार दिया और कश्मीर का मुद्दा उठाया. इसके जवाब में भारत की प्रथम सचिव पेटल गहलोत ने ‘राइट ऑफ रिप्लाई’ का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान के दोहरे चरित्र, आतंकवाद और झूठे दावों की पोल खोल दी.
1. दिन में सुरक्षा, रात में आतंकवाद
पेटल गहलोत ने कहा, “पाकिस्तान दिन में सुरक्षा की बात करता है और रात में आतंकवाद फैलाता है.” उन्होंने ओसामा बिन लादेन का जिक्र करते हुए याद दिलाया कि आतंकवाद के मास्टरमाइंड को पाकिस्तान ने अपनी सैन्य अकादमी के बगल में शरण दी थी.
2. सिंधु जल संधि पर चेतावनी
शहबाज शरीफ ने धमकी दी थी कि पानी रोकने या मोड़ने के प्रयास को युद्ध माना जाएगा. भारत ने स्पष्ट किया कि अगर पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद जारी रखता है, तो भारत आत्मरक्षा के अपने अधिकार का इस्तेमाल करेगा और पाकिस्तान को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.
3. जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग
भारत ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर देश का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है. साथ ही पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हो रहे अत्याचारों, हिंसा और मानवाधिकार हनन का जिक्र किया.
4. आतंकवादियों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं
भारत ने कहा कि हाल के वर्षों में साबित हो चुका है कि आतंकवादियों के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं बची. सीमा पार आतंकवाद बंद नहीं हुआ तो दोनों देशों के रिश्तों पर भी असर पड़ेगा.
5. झूठ दोहराने से सच नहीं बनता
पेटल गहलोत ने कहा, “हर साल एक ही झूठ को दोहराने से वह सच नहीं बन जाता. पाकिस्तान का आतंकवाद, धोखा और दोहरा रवैया न उसके अपने हित में है और न दुनिया के.” भारत का यह जवाब संयुक्त राष्ट्र के मंच पर पाकिस्तान के खिलाफ कड़े रुख को दर्शाता है.