अभी मोदी कमजोर है, अपनी मंशा पूरी करने का ये सही वक्त है. क्या विदेश में बैठे दुश्मनों ने ये मान लिया है और हिंदुस्तान में पूरब से पश्चिम तक मिशन वीआईपी को एक्टिव कर दिया है. ओवैसी के सामने चुनाव लड़ने वाली माध्वी लता की सुरक्षा खतरे में है. योगी आदित्यनाथ और मोहन भागवत तक की सुरक्षा बढ़ाए जाने की जरूरत है. ये इशारा हैदराबाद से पकड़े गए दो संदिग्धों की तस्वीर करती है. पहली तस्वीर मोहम्मद खाज की है, जो कर्नाटक के बीदर का रहने वाला है. 15 साल पहले हैदराबाद काम की तलाश में पहुंचा और कब देश के दुश्मनों का दोस्त बन गया, पुलिस को पता भी नहीं चला. दूसरी तस्वीर शेख इस्माइल की है जो हैदराबाद का ही रहने वाला है.
कहने को नौकरी ड्राइवर की करता था, लेकिन गिरफ्तारी बीजेपी के फायरब्रांड नेता टी राजा के घर की रेकी करने के आरोप में हुई है. 27 सितंबर की रात करीब 2 बजे ये दोनों टी राजा के घर की तस्वीरें क्लिक कर रहे थे, वीडियो बना रहे थे, और उसे किसी आका को भेज रहे थे. इनके साथ दो और लोग थे, जो फरार हो गए, लेकिन इन दोनों को पकड़कर लोगों ने पुलिस के हवाले कर दिया.
ये बात इसलिए बड़ी हो जाती है क्योंकि कुछ साल पहले ही टी राजा की घर की रेकी करते कुछ संदिग्ध पकड़े गए थे, जिनका कनेक्शन बाद में सीरिया से निकला, जो मोदी, योगी और भागवत सबको निशाना बनाना चाहते थे, कुछ दिनों पहले बीजेपी नेता नुपूर शर्मा के खिलाफ प्लान बना रहे दुश्मनों को भी पुलिस ने पकड़ा था, जो इन फायरब्रांड नेताओं को पहले टारगेट करना चाहते थे, फिर सीधा भागवत तक अपनी पहुंच बनाना चाहते थे, ये बात खुफिया एजेंसियां और गृहमंत्रालय भी अच्छी तरह जानती है, इसीलिए 2 महीने पहले ही मोहन भागवत की सुरक्षा बढ़ाई गई है.
मोदी की तरह हुई भागवत की सुरक्षा
अगस्त 2024 में जब भागवत की सुरक्षा बढ़ाई गई थी तब गृह मंत्रालय के सूत्रों ने कहा था समीक्षा के बाद ये फैसला लिया गया है, जो साफ इशारा करता है कि भागवत की सुरक्षा को खतरा है. और खासकर जब भी हिंदू नेताओं को निशाना बनाने के आरोपी पकड़े जाते हैं, तो खुफिया एजेंसियां पूछताछ के लिए पहुंच जाती हैं, अब शेख इस्माइल और मोहम्मद खाजा से पूछताछ में आईबी की टीम भी लगी है, और इनसे वो राज उगलवाना चाहती है कि इनका आका कौन है, इनका मकसद क्या था, टी राजा के घर की रेकी कौन करवा रहा था, वो दो लोग जो फरार हैं, क्या किसी देश विरोधी ग्रुप से जुड़े थे, NIA के अलग-अलग राज्यों की छापेमारी ये बताती है कि महाराष्ट्र के पुणे और ठाणे से लेकर कर्नाटक तक में ISIS ने अपना जाल बिछा लिया है. जो न सिर्फ युवाओं का ब्रेनवॉश कर रहा है, बल्कि उन्हें बकायदा ट्रेनिंग भी दे रहा है, और उन्हें देश के उन वीआईपी नेताओं के खिलाफ भड़का रहा है, जो हिंदुस्तान में सनातन सभ्यता की जड़ों को और मजबूत करना चाहते हैं.
देश के दुश्मनों का नापाका ‘मिशन वीआईपी’
हैदराबाद में हिंदुत्व की जड़े मजबूत करने वाले टी राजा के घर की रेकी के बाद माध्वी लता को भी खतरा हो सकता था. चुनाव के दौरान माध्वी को गाड़ी रोककर धमकी भी दी गई थी. देश के दुश्मनों का ग्रुप साउथ इंडिया से चलकर, दिल्ली में नुपूर शर्मा, यूपी में योगी आदित्यनाथ, गुजरात में बड़े बीजेपी नेता और महाराष्ट्र में मोहन भागवत तक पहुंचना चाहता है. लेकिन कहते हैं जब तक आपकी खुफिया एजेंसियां मजबूत हो, आपके आसपास सघन कमांडोज का घेरा खड़ा हो और भगवान आपके साथ हों, कोई आपका बाल भी बांका नहीं कर सकता.