...इन आरोपियों की तस्वीरें ध्यान से देखिए, इनके छिपे हुए चेहरे के पीछे वो साजिश छिपी है, जिसने कई महिलाओं, कई लड़कियों की जिंदगी नरक बना दी, जिसका खुलासा एक महिला की शिकायत से जैसे ही हुआ, शुरुआत में लगा कोई एक व्यक्ति इस पूरे केस में शामिल होगा, लेकिन जब जांच हुई तो कहानी ऐसी खुली कि टाटा ग्रुप की TCS कंपनी के कई कर्मचारियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, और पता चला HR निदा खान की भूमिका भी इस पूरे मामले में संदिग्ध हो सकती है.
नवभारत टाइम्स ने एक रिपोर्ट में पुरुष कर्मचारी के हवाले से दावा किया कि मर्जी के खिलाफ मुझे धार्मिक गतिविधियों में हिस्सा लेने को मजबूर किया गया, कई शिकायतकर्ताओं ने कहा सीनियर अधिकारियों और एचआर के सामने भी ये मुद्दा उठाया गया, लेकिन कोई एक्शन नहीं हुआ. क्योंकि एचआर हेड निदा खान भी इसमें शामिल है. 10 अप्रैल को निदा खान का बयान भी इस मामले में दर्ज किया गया.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने इस मामले को बेहद गंभीर बताया है, जबकि प्रियंका चतुर्वेदी लगातार इस मसले पर सवाल उठा रही हैं, उधर टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन. चंद्रशेखर का कहना है कि अपने कर्मचारियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की हमारी नीति हैं, इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है. आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है और कंपनी पुलिस की ओर से चल रही जांच में पूरा सहयोग दे रही है.
सभी आरोपी कर्मचारियों को नौकरी से निलंबित कर दिया गया है, मई 2023 से मार्च 2026 तक ये करतूत पुलिस से कैसे छिपी रही, इसका जवाब भी शिकायकर्ता अपनी शिकायत में देते हैं. आरोप है कि कुछ कर्मचारियों ने कथित तौर पर WhatsApp ग्रुप बनाए थे, जिनमें कमज़ोर सहकर्मियों को टारगेट करने के बारे में चर्चा होती थी.
जूनियर कर्मचारियों, खासकर युवा हिंदू महिलाओं की पहचान करके, उन्हें प्रलोभन या निजी प्रभाव का इस्तेमाल करके संपर्क किया गया. गिरफ्तार आरोपियों, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, तौसीफ अत्तार, रज़ा मेमन, आसिफ अंसारी और दानिश शेख ने अपने पद का दुरुपयोग किया. पहले शादी का वादा कर संबंध बनाते, फिर कोई आवाज उठाता तो खराब रेटिंग देने, परेशान करने या नौकरी से निकालने की धमकी देते.
चौंकाने वाली बात ये भी रही कि नासिक टीसीएस की सहायक महाप्रबंधक अश्विनी चैनानी भी इस पूरे खेल में शामिल थी, आरोप है कि उसने पीड़ित महिला कर्मचारियों की लिखित और मौखिक शिकायत पर ध्यान देने के बजाय उन्हें यह कहकर टाल दिया कि, तुम्हें क्यों हाईलाइट होना है. जाने दो. छोड़ दो.
अब यहां सवाल ये भी है कि क्या इस पूरे केस में क्या विदेश लिंक भी शामिल है, क्या इस घटना से जुड़े आरोपी विदेश में बैठे किसी आका के संपर्क में थे, और उसके कहने पर हिंदुस्तान में इतनी बड़ी साजिश रच रहे थे, एसआईटी कई एंगल से इस मामले की जांच में जुटी है.
सोशल मीडिया से लेकर न्यूज चैनल तक पर रोजाना नए-नए खुलासे हो रहे हैं. लेकिन सवाल यही उठ रहा है कि क्या देवेन्द्र फडणवीस की सरकार इन आरोपियों पर योगी मॉडल के अंदाज में एक्शन लेगी, फिलहाल 9 एफआईआर इस मामले में दर्ज हो चुके हैं, निदा खान जिस पर इस पूरे मामले में शामिल होने के आरोप हैं, वो अपना इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट कर फरार हो चुकी है, जिसके पकड़े जाने के बाद कोई बड़ा खुलासा होने की उम्मीद है...
पर आप अपने परिवार को लेकर सतर्क रहें, क्योंकि माइंडवॉश के ये गंदा खेल नई चुनौतियां पैदा कर रहा है, जिसके खिलाफ बनने वाले सख्त नियम को सख्ती से लागू भी करना होगा...