नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी अब एक नया अभियान लॉन्च कर रहा है, जिसका नाम रखा गया है सौगात-ए-मोदी अभियान, इसे शुरू किया जा रहा है ईद के मौके पर, जिसे लेकर विपक्ष ने कई सवाल खड़े करना भी शुरू कर दिया है. दरअसल बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के नेशनल प्रेसिडेंट जमाल सिद्दीकी ने इस अभियान की जानकारी दी है. वो बताते हैं कि "प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी 140 करोड़ भारतीयों के पीएम हैं, त्यौहार का समय है, ईद आने वाली है, रमजान चल रहा है. हमारे कार्यकर्ता जाएंगे और किट देंगे. किट में खाने-पीने का सामान होगा, घर की महिला प्रमुख के लिए सूट का कपड़ा होगा. किट में त्यौहार, सेवइयां, बेसन, ड्राई फ्रूट, दूध, चीनी सब होगा."
माइनॉरिटी समाज को दी जाएंगी मोदी किट
ये किट माइनॉरिटी समाज के लोगों को बांटी जाएंगे. बीजेपी के 32 हजार पदाधिकारी इन किटों को बांटेंगे, एक पदाधिकारी के लिए 100 किट बांटने का लक्ष्य रखा गया है. इस हिसाब से करीब 32 लाख लोगों नें मोदी किट का वितरण किया जाएगा. बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा का कहना है कि ये किट देश में गंगाजमुनी तहजीब की मिसाल पेश करेगी.
किट के अंदर क्या-क्या है?
तो वहीं किट के अंदर क्या-क्या सामन होगा इस सवाल पर बीजेपी की तरफ से बताया गया है कि किट के अंदर घर की महिला प्रमुख के लिए सूट का कपड़ा होगा, सेवइयां, बेसन, ड्राई फ्रूट, दूध, चीनी समेत त्यौहार मनाने का काफी सामान होगा, इस किट पर जो खर्चा होगा उसे बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा की तरफ से वहन किया जाएगा.
विपक्ष ने खड़े किये सवाल
बीजेपी की इस नई पहल का विपक्षी पार्टियों ने विरोध करना भी शुरू कर दिया है. टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा का कहना है कि पीएम मोदी इतने अमीर नहीं हैं कि लोगों को सौगात दे सकें. ये देश की जनता का पैसा है. लेकिन इसके नाम से पीएम के अहंकार की बू आती है. तो वहीं आरजेडी सांसद मनोज झा का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी अपना फोटो खिंचवाने का कोई भी मौका छोड़ना नहीं चाहते हैं.
वो डेथ सर्टिफिकेट छोड़ कर हर जगह अपना फोटो छपवा चुके हैं. यह राजतंत्र नहीं लोकतंत्र है, वो अपने आप को शहंशाह समझने लगे हैं. तो वहीं सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने इसे मुस्लिम वोट लेने की नई तरकीब बताया है. उनका आरोप है कि बीजेपी वोट के लिए कुछ भी कर सकती है, बीजेपी वाले अब सूफी गाने भी इन्जॉय करने लगे हैं.