महाकुंभ: तस्वीरें बहुत कुछ कहती हैं, ये सीएम आवास है, लखनऊ का पांच कालीदास मार्ग, यहां मुख्यमंत्री के चेहरे का भाव साफ बताता है कि उन्हें किसी पर नहीं बल्कि खुद पर य़कीन है, इनके साथ प्रशांत कुमार, गृह सचिव संजय प्रसाद भी बैठे हैं, शारीरिक भाषा जानने वाले जानकार योगी की इस तस्वीर को देखकर कहते हैं कि, इस अवस्था में LIVE तस्वीरें देखना साफ बताता है कि योगी गुस्से में हैं, और वो कोई और मौत नहीं देखना चाहते हैं, जैसे कमियों को मिटा देने का गुस्सा हो.ये तस्वीरें देखिए, जब लव और कुश ने श्रीराम की सेना को युद्ध के लिए ललकारा था.
तब श्रीराम को गुस्से में ठीक ऐसे ही दिखाया गया था.दोनों तस्वीरें साफ संदेश देती हैं, वैसे भी कहा जाता है संत से बड़ा कोई राजा नहीं होता है…योगी ने हार नहीं मानी खुद सिस्टम पर निगाहें टिका दी. महाकुंभ में तीन करोड़ श्रद्धालुओं ने बसंत पंचमी के दिन स्नान किया. योगी ने अपने सारे काम रद्द कर दिए, उधर महाकुंभ में कई तरह की नई चीज़ दिखी, जैसे भीड़ पर नियंत्रण रखने के लिए 200 ट्रेनी IPS को योगी ने उतारा तो यूपी पुलिस के जवानों की संख्या भी बढ़ाई गई.
महाकुंभ का 22वां दिन है.शंकराचार्य योगी का इस्तीफा मांग रहे थे, लेकिन योगी देश के ऐसे नेता हैं जो खुद के रहते कभी भी सनातन सभ्यता पर आंच नहीं आने देंगे, इसलिए सीएम आवास की ये तस्वीरें क्या कहती हैं ज़रा ध्यान से देखिए. सीएम योगी जानते हैं कि भीड़ में भक्तों की शक्ल में ही कुछ संदिग्ध घुसे हो सकते हैं. पुलिस को जो आदेश दिया वो फॉलो हो रहा है या नहीं, अधिकारियों की नींद उड़ गई है.
दरअसल योगी खुद महाकुंभ जाना चाहते थे, लेकिन उन्हें अधिकारियों ने न आने की सलाह दी थी.क्योंकि भीड़ पर काबू रखना मुश्किल होता. इसलिए मुख्यमंत्री आवास से ही उन्होंने अपनी पूरी कोशिश की.हेलीकॉप्टर से फूल बरसाए गए, हर कोशिश सरकार कर रही है ताकि आम लोगों के मन में बैठा डर निकाला जा सकें, हालांकि इस तस्वीर पर भी समाजवादी पार्टी ने कमी निकाल ली और सोशल मीडिया पर कई बातें लिख दी.
अखिलेश यादव का दावा है कि एंबुलेंस उनकी सेवा है जिसका फायदा सरकार ने भगदड़ के दौरान उठाया था.बसंत पंचमी के दिन किसी भी तरह की कोई अफवाह काम न आई, क्योंकि वहां पर खुद विराजमान थे योगी आदित्यनाथ.तस्वीरें सबकुछ कह रही है.अब आपका क्या कहना है कमेंट में लिखिए.