लॉरेंस बिश्नोई का वो किलेनुमा घर, जिसके अंदर गलत इरादे से जाना मतलब वापस लौटना मुश्किल है!

Abhishek Chaturvedi 24 Oct 2024 05:33: PM 3 Mins
लॉरेंस बिश्नोई का वो किलेनुमा घर, जिसके अंदर गलत इरादे से जाना मतलब वापस लौटना मुश्किल है!

Where is Lawrence Bishnoi house: ये है पंजाब का दुतारावाली गांव (Duttaranwali Village) जो पहले पंजाब के फिरोजपुर जिले में पड़ता था, लेकिन अब फाजिल्का जिले में है. राजस्थान की सीमा से लगता हुआ पंजाब का ये जिला देश के सबसे बड़े गैंगस्टर का गांव है. यहीं उसके मां-बाप रहते हैं. गांव में एंट्री करते ही आपको एक मंदिर दिखेगा, जो लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) के परदादा का है. कहते हैं वो बिश्नोई समाज के बहुत बड़े संत हुआ करते थे, जिन्होंने कई किताबें भी लिखी, लेकिन परपोता लॉरेंस अपराध की दुनिया की किताबें लिख रहा है. नाम न छापने की शर्त पर हमारे विश्वसनीय सूत्र कुछ जानकारियां साझा कीं.

लॉरेंस का किलेनुमा घर 

  • लॉरेंस बिश्नोई के घर की सुरक्षा इतनी तगड़ी है कि किसी बाहरी व्यक्ति की एंट्री नहीं होती!
  • सफेद रंग के मकान की बाउंड्री इतनी ऊंची है कि आसानी से कोई उसे लांघ नहीं सकता है
  • बाउंड्री पर टूटे हुए कांच लगे हैं, और उसके ऊपर कंटीले तार लगे हैं, जिनमें बिजली दौड़ती है!
  • बाउंड्री के अंदर किसी तरह पहुंच भी गए तो वहां खड़े बॉडीगार्ड उनकी सघन चेकिंग करते हैं
  • घर को ऐसे किले में तब्दील किया गया है कि बंबीहा गैंग से लेकर खालिस्तानियों तक के होश उड़े हैं

ऑफ द रिकॉर्ड कुछ लोग ये भी कहते हैं कि लॉरेंस का परिवार धार्मिक है. पता नहीं लॉरेंस कैसे ऐसा बन गया. लॉरेंस के पिता लविंदर सिंह और मां सुनीता दोनों काफी धार्मिक हैं. बिश्नोई समाज का सबसे बड़ा मंदिर जो मुकाम मुक्तिधाम में है, वहां इनकी अपार आस्था है. हर साल मंदिर के लिए हजारों रुपये दान भी करते हैं. पिता कभी कॉन्स्टेबल नहीं रहे, बल्कि उनकी होमगार्ड में नौकरी लगी थी, ऐसे दावे भी कुछ लोग करते हैं. हालांकि लॉरेंस के चचेरे भाई रमेश बिश्नोई एक टीवी इंटरव्यू में कहते हैं...

लॉरेंस बिश्नोई का असली नाम बलकरन बरार है. इससे पहले उसका नाम सतविंदर सिंह रखा गया था, लेकिन चाची चूंकि उसे लॉरेंस के नाम से बुलाती थी और ये नाम उसे भी पसंद था, इसलिए उसने अपना नाम बदलकर लॉरेंस बिश्नोई रख लिया. आज उसके ऊपर 35-40 लाख रुपये हर साल परिवार खर्च करता है, परिवार के पास करीब 110 एकड़ जमीन है.

इसी दावे के आधार पर कई लोग ये भी कहते हैं कि लॉरेंस पैसे के लिए सलमान को धमकी नहीं दे रहा, हमारा मकसद किसी माफिया या अपराध का महिमांडन करना नहीं है, बल्कि हर कानून के मुताबिक हर किसी का पक्ष आप तक पहुंचाना है और लॉरेंस के जिस गांव की कहानी हम आपको सुना रहे हैं. वहां साल 2016 में लॉरेंस आखिरी बार पुलिस की गाड़ी में बैठकर पहुंचा था, जब उसे कोर्ट में पेशी के लिए ले जाया जा रहा था, तब लॉरेंस का नाम न तो इतना बड़ा था और ना ही उसका कद कुछ खास था. उस वक्त जब एक पत्रकार ने उससे पूछा कि...

  • सवाल- लॉरेंस आप पर डाउट क्यों है?
  • जवाब- इतने केस हैं कभी कॉन्विक्ट तो मैं हुआ नहीं, ना कोई गवाही हुई, क्रिमिनल हूं ही नहीं मैं. मैं तो स्टूडेंट पॉलिटिक्स में था. पुलिस वालों ने बना दिया अलग-अलग केस में इनवॉल्व करके. सलमान खान को इसी जोधपुर में मारेंगे तो पता चल ही जाएगा.

मीडिया के सामने लॉरेंस का ये पहला कबूलनामा था कि सलमान को नहीं छोड़ेगा और उसके बाद इसने पहले सलमान के फार्म हाउस की रेकी करवाई. फिर सलमान के घर पर जो करवाया, उसने पूरी मुंबई पुलिस को हिलाकर रख दिया, लेकिन बावजूद उसके बाबा सिद्दीकी का मूसेवाला की तरह हाल करने से कोई उसके गुर्गों को नहीं रोक पाया. तो सवाल ये उठते हैं कि क्या लॉरेंस इतना ताकतवर है, जिसके आगे सारा सिस्टम फेल है, जो जेल के भीतर बैठकर अपने परिवार की सुरक्षा अभेद्य बना देता है, ताकि उसके दुश्मन उसके परिवारवालों तक नहीं पहुंच पाएं और खुद कभी जमानत नहीं मांगता, ताकि बाहर निकलने पर कोई खतरा न हो. जेल के अंदर बैठकर ही अपने जुर्म का काला साम्राज्य चलाता है. 

Bishnoi house Where is Lawrence Bishnoi house Lawrence Bishnoi house Duttaranwali Village

Recent News