Where is Lawrence Bishnoi house: ये है पंजाब का दुतारावाली गांव (Duttaranwali Village) जो पहले पंजाब के फिरोजपुर जिले में पड़ता था, लेकिन अब फाजिल्का जिले में है. राजस्थान की सीमा से लगता हुआ पंजाब का ये जिला देश के सबसे बड़े गैंगस्टर का गांव है. यहीं उसके मां-बाप रहते हैं. गांव में एंट्री करते ही आपको एक मंदिर दिखेगा, जो लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) के परदादा का है. कहते हैं वो बिश्नोई समाज के बहुत बड़े संत हुआ करते थे, जिन्होंने कई किताबें भी लिखी, लेकिन परपोता लॉरेंस अपराध की दुनिया की किताबें लिख रहा है. नाम न छापने की शर्त पर हमारे विश्वसनीय सूत्र कुछ जानकारियां साझा कीं.
लॉरेंस का किलेनुमा घर
ऑफ द रिकॉर्ड कुछ लोग ये भी कहते हैं कि लॉरेंस का परिवार धार्मिक है. पता नहीं लॉरेंस कैसे ऐसा बन गया. लॉरेंस के पिता लविंदर सिंह और मां सुनीता दोनों काफी धार्मिक हैं. बिश्नोई समाज का सबसे बड़ा मंदिर जो मुकाम मुक्तिधाम में है, वहां इनकी अपार आस्था है. हर साल मंदिर के लिए हजारों रुपये दान भी करते हैं. पिता कभी कॉन्स्टेबल नहीं रहे, बल्कि उनकी होमगार्ड में नौकरी लगी थी, ऐसे दावे भी कुछ लोग करते हैं. हालांकि लॉरेंस के चचेरे भाई रमेश बिश्नोई एक टीवी इंटरव्यू में कहते हैं...
लॉरेंस बिश्नोई का असली नाम बलकरन बरार है. इससे पहले उसका नाम सतविंदर सिंह रखा गया था, लेकिन चाची चूंकि उसे लॉरेंस के नाम से बुलाती थी और ये नाम उसे भी पसंद था, इसलिए उसने अपना नाम बदलकर लॉरेंस बिश्नोई रख लिया. आज उसके ऊपर 35-40 लाख रुपये हर साल परिवार खर्च करता है, परिवार के पास करीब 110 एकड़ जमीन है.
इसी दावे के आधार पर कई लोग ये भी कहते हैं कि लॉरेंस पैसे के लिए सलमान को धमकी नहीं दे रहा, हमारा मकसद किसी माफिया या अपराध का महिमांडन करना नहीं है, बल्कि हर कानून के मुताबिक हर किसी का पक्ष आप तक पहुंचाना है और लॉरेंस के जिस गांव की कहानी हम आपको सुना रहे हैं. वहां साल 2016 में लॉरेंस आखिरी बार पुलिस की गाड़ी में बैठकर पहुंचा था, जब उसे कोर्ट में पेशी के लिए ले जाया जा रहा था, तब लॉरेंस का नाम न तो इतना बड़ा था और ना ही उसका कद कुछ खास था. उस वक्त जब एक पत्रकार ने उससे पूछा कि...
मीडिया के सामने लॉरेंस का ये पहला कबूलनामा था कि सलमान को नहीं छोड़ेगा और उसके बाद इसने पहले सलमान के फार्म हाउस की रेकी करवाई. फिर सलमान के घर पर जो करवाया, उसने पूरी मुंबई पुलिस को हिलाकर रख दिया, लेकिन बावजूद उसके बाबा सिद्दीकी का मूसेवाला की तरह हाल करने से कोई उसके गुर्गों को नहीं रोक पाया. तो सवाल ये उठते हैं कि क्या लॉरेंस इतना ताकतवर है, जिसके आगे सारा सिस्टम फेल है, जो जेल के भीतर बैठकर अपने परिवार की सुरक्षा अभेद्य बना देता है, ताकि उसके दुश्मन उसके परिवारवालों तक नहीं पहुंच पाएं और खुद कभी जमानत नहीं मांगता, ताकि बाहर निकलने पर कोई खतरा न हो. जेल के अंदर बैठकर ही अपने जुर्म का काला साम्राज्य चलाता है.