कोलकाता केस की जांच सीबीआई कर रही है, ये तो आप भी जानते हैं, लेकिन सीबीआई की वो दो महिला अधिकारी कौन सी हैं, जो उस डॉक्टर बिटिया को इंसाफ दिलवाने वाली हैं, ये शायद आप नहीं जानते होंगे. ये ऐसी ऑफिसर हैं, जिनका नाम सुनते ही आरोपी तोते की तरह बोलने लगते हैं. इनमें पहली ऑफिसर का नाम है IPS संपत मीणा.
कौन हैं IPS संपत्ति मीणा
कोलकाता केस में ये 25 अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम को लीड कर रही हैं. इन्होंने कोलकाता पहुंचते ही अपनी टीम को 5 अलग-अलग हिस्सों में बांटा और हर टीम को घटना से जुड़ा एक अलग मिशन दिया, इनकी टीम इतनी तेजतर्रार है कि कहते हैं सबूत कहीं से भी ढूंढ निकालती है. इनके आदेश पर ही इस घटना के आरोपी संजय रॉय के पॉलीग्राफ टेस्ट, घटनास्थल की थ्री डी मैपिंग और ब्रेन मैपिंग के विकल्पों पर सीबीआई विचार कर रही है. इनके अलावा इनकी टीम में एक और महिला ऑफिसर है, जिनका नाम है सीमा पाहुजा, जिन्हें ग्राउंड से जानकारी जुटाने, सबूत जुटाने, लड़की के परिवारवालों से बातचीत करने, डायरी के पन्नों में दबे राज खंगालने और उस लड़की के उन दोस्तों के बारे में जानकारी जुटाने की ड्यूटी मिली है, जिनकी जांच कोलकाता पुलिस ने ठीक से नहीं की है.
कौन हैं सीमा पाहूजा
तब जाकर 16 साल की लड़की के साथ हुई घटना का खुलासा हो पाया था. फिलहाल आरोपी आजीवन कारावास की सजा काट रहा है, इन दोनों लेडी सिंघम ऑफिसर ने जितने केस की जांच की, उसकी फाइल तभी बंद हुई, जब सही आरोपी पकड़ा गया और जांच नतीजे तक पहुंची. कोलकाता केस में भी अब इनसे यही उम्मीद जताई जा रही है. और इनकी टीम ने बीते 10 दिनों में जो 5 काम किए हैं वो इस बात का सबूत हैं कि सीबीआई हर एंगल पर जांच कर रही है.
फिलहाल सीबीआई की स्थिति ये है कि उसके पास सवालों की लिस्ट तो लंबी है, लेकिन जवाब के नाम पर कुछ ही लाइन हैं, और आरोपी को जब कोर्ट में पेश किया जाएगा, जब इस घटना की चार्जशीट बनाई जाएगी तो उस वक्त ये तय करना बेहद जरूरी होगा कि कड़ियों से कड़ियां जुड़े और फिर आरोपी को सख्त से सख्त सजा मिले, जिसके लिए पूरी टीम को दिन-रात न सिर्फ मेहनत करना होगा बल्कि उन आरोपियों से कई गुणा तेज दिमाग चलाना होगा, जो सबूत मिटाकर सच्चाई को दबाने की कोशिश में लगे हैं.