IPS Tanushree: जम्मू-कश्मीर में अपनी सख्त लेकिन संवेदनशील पुलिसिंग शैली के लिए पहचान बनाने वाली 2017 बैच की आईपीएस अधिकारी तनुश्री एक बार फिर चर्चा में हैं. हाल ही में उनके तबादले के बाद घाटी में कई लोगों ने सोशल मीडिया पर उन्हें याद करते हुए उनकी कार्यशैली और ईमानदार छवि की सराहना की है.
बिहार के मोतिहारी जिले में 24 अप्रैल 1987 को जन्मी तनुश्री ने भारतीय पुलिस सेवा में आने के बाद जम्मू-कश्मीर कैडर में अपनी अलग पहचान बनाई. संवेदनशील और आतंकवाद प्रभावित क्षेत्रों में उनकी तैनाती रही, जहां उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ उग्रवाद विरोधी अभियानों और जांच संबंधी जिम्मेदारियां भी निभाईं.
अपने कार्यकाल के दौरान तनुश्री ने स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) में सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SP) के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली. इसके अलावा वह शोपियां और बाद में पुलवामा की सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) भी रही. इन जिलों को सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है.
तनुश्री का नाम उस समय भी चर्चा में आया था, जब उन्होंने एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के दौरान जम्मू-कश्मीर में अपने शुरुआती अनुभव साझा किए थे. उन्होंने बताया था कि प्रशिक्षण के दौरान पहली बार आतंकवाद से जुड़े हालात को करीब से देखने पर वह घबरा गई थीं. हालांकि, बाद में उन्होंने पुलिस, इंटेलिजेंस एजेंसियों और सुरक्षा बलों के समन्वय से चलने वाले अभियानों को करीब से समझा और महसूस किया कि किस तरह सुरक्षा एजेंसियां देश की रक्षा के लिए लगातार काम करती हैं.
अपने कार्यकाल में तनुश्री ने जांच, आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन, खुफिया समन्वय और पब्लिक पुलिसिंग पर विशेष ध्यान दिया. स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित करने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने की उनकी कार्यशैली की अक्सर सराहना होती रही.