जयंती चौहान, बिसलेरी के संस्थापक रमेश चौहान की बेटी, भारतीय व्यापार जगत में एक नई पहचान बना चुकी हैं. जिन्हें पहले बिसलेरी के कारोबार में रुचि नहीं थी, आज वही जयंती बिसलेरी की अगली पीढ़ी के रूप में उभरी हैं. उन्होंने अपने पिता की कंपनी को संभालने के साथ-साथ उसे नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया. जयंती चौहान की यह यात्रा बेहद प्रेरणादायक है, जिन्होंने अपने व्यवसायिक कौशल, मार्केटिंग स्ट्रेटेजी और नई योजनाओं से बिसलेरी को और भी सशक्त बना दिया.
जयंती चौहान का प्रारंभिक जीवन
जयंती चौहान का जन्म दिल्ली में हुआ था. उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली से की और फिर मुंबई में आकर अपनी पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, जयंती ने फैशन और डिजाइन के क्षेत्र में शिक्षा प्राप्त करने के लिए विदेश यात्रा की. उन्होंने लॉस एंजिल्स, न्यू यॉर्क के फैशन इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन एंड मर्चेंडाइजिंग (FIDM) से अपनी डिग्री प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने लंदन कॉलेज ऑफ फैशन से फैशन स्टाइलिंग और फोटोग्राफी में भी डिग्री ली.
जयंती का सपना फैशन की दुनिया में करियर बनाने का था, लेकिन किसे पता था कि किस्मत उनका रुख बिसलेरी की ओर मोड़ देगी. जब वह 24 साल की थीं, तो उन्होंने अपने पिता रमेश चौहान की कंपनी बिसलेरी का काम संभाल लिया. हालांकि पहले वह बिसलेरी में काम करने में दिलचस्पी नहीं रखती थीं, लेकिन पिता की उम्र और उनकी मजबूरी को देखते हुए जयंती ने अपने परिवार के व्यवसाय को बचाने और उसे आगे बढ़ाने का जिम्मा लिया.
बिसलेरी की सफलता में जयंती का योगदान
बिसलेरी ने भारत में मिनरल वाटर इंडस्ट्री में अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. 55 वर्षों से यह ब्रांड भारतीय बाजार में सबसे प्रमुख और विश्वसनीय bottled water ब्रांड रहा है. बिसलेरी का कारोबार पूरे भारत में 4500 वितरकों और 122 संयंत्रों के साथ फैला हुआ है. जब जयंती ने बिसलेरी का नेतृत्व किया, तो उन्होंने कई नए कदम उठाए, जिनसे कंपनी की सफलता को नया दिशा मिला.
सबसे पहले, जयंती चौहान ने बिसलेरी के उत्पादों का विस्तार किया. उन्होंने बिसलेरी की नई कार्बोनेटेड ड्रिंक्स "Rev", "Pop" और "Spicy Jeera" लॉन्च की. इन उत्पादों ने न केवल बिसलेरी के पोर्टफोलियो को बढ़ाया, बल्कि कंपनी को कोला, ऑरेंज और जीरा के क्षेत्र में भी एक नया मुकाम दिलाया. इन नए उत्पादों के लिए जयंती ने सोशल मीडिया और डिजिटल मार्केटिंग पर जोर दिया, जिससे इन उत्पादों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी.

7000 करोड़ रुपये की डील को नकारा
2022 में जब बिसलेरी के मालिक रमेश चौहान ने यह घोषणा की कि वह बिसलेरी को बेचने का विचार कर रहे हैं, तो व्यापार जगत में हलचल मच गई थी. टाटा समूह के रतन टाटा ने बिसलेरी को 7000 करोड़ रुपये में खरीदने की पेशकश की थी, लेकिन इस डील को जयंती ने नकार दिया. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बिसलेरी बिकने के लिए नहीं है और वह अपने पिता की धरोहर को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह से समर्पित हैं.
जयंती चौहान की इस फैसले ने उनकी दृढ़ नायकता और व्यावसायिक दृष्टिकोण को दर्शाया. उन्होंने यह साबित कर दिया कि वह सिर्फ एक उत्तराधिकारी नहीं, बल्कि एक सशक्त और सक्षम नेता हैं, जो अपनी कंपनी को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं.
मार्केटिंग और रणनीतियों में महारत
जयंती चौहान को मार्केटिंग की गहरी समझ है. उन्होंने बिसलेरी के लिए प्रभावी मार्केटिंग योजनाएं बनाई, जिन्होंने कंपनी के उत्पादों की बिक्री और लोकप्रियता में अभूतपूर्व वृद्धि की. उन्होंने डिजिटल मार्केटिंग, सोशल मीडिया अभियानों और विभिन्न प्रकार की प्रचार गतिविधियों का सहारा लिया, जिससे बिसलेरी की ब्रांड वैल्यू को एक नई ऊंचाई पर पहुंचाया.
साथ ही, जयंती ने बिसलेरी को अन्य पेय पदार्थों के मुकाबले एक स्वस्थ और प्राकृतिक विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया. इसके अलावा, वह बिसलेरी के लिए नए उत्पादों को पेश करने में भी अग्रणी रही हैं, जो भारतीय बाजार में नया ट्रेंड सेट करते हैं.
2300 करोड़ रुपये की सालाना आय
2022-2023 में, जयंती चौहान के नेतृत्व में बिसलेरी ने ₹2300 करोड़ की आय अर्जित की. यह कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी, जो यह दर्शाता है कि जयंती ने कंपनी के विकास और विस्तार के लिए सही दिशा में काम किया है. उन्होंने न केवल बिसलेरी की प्रतिष्ठा को बनाए रखा, बल्कि उसे नए बाजारों में भी स्थापित किया.
टाटा और अंबानी से प्रतिस्पर्धा
बिसलेरी अब टाटा और रिलायंस जैसी बड़ी कंपनियों से भी प्रतिस्पर्धा कर रही है. बिसलेरी को टाटा के हिमालयन और मुकेश अंबानी की रिलायंस ब्रांड्स से मुकाबला करना पड़ रहा है, लेकिन जयंती चौहान ने अपने उत्पादों और रणनीतियों के माध्यम से बिसलेरी को अभी भी बाजार का प्रमुख खिलाड़ी बनाए रखा है.
जयंती चौहान ने अपनी कड़ी मेहनत और व्यावसायिक दृष्टिकोण से यह साबित कर दिया कि वह केवल एक नाम की उत्तराधिकारी नहीं, बल्कि एक सशक्त और काबिल व्यापारिक नेता हैं. उन्होंने बिसलेरी को न केवल बचाया, बल्कि उसे नई दिशा और पहचान भी दी. उनके नेतृत्व में बिसलेरी का भविष्य और भी उज्जवल नजर आता है, और यह उनके अद्वितीय नेतृत्व और व्यापारिक कौशल का परिणाम है.