महायुति के पास बहुमत से चा सीटें ज्यादा
शिंदे ने सभी पार्षदों को होटल में रुकवाया
नई दिल्ली: महायुति (BJP + शिंदे गुट शिवसेना) ने BMC चुनाव में शानदार जीत दर्ज की है. कुल 227 सीटों वाली इस सदन में बहुमत के लिए 114 सीटें चाहिएं. BJP ने अकेले 89 सीटें जीतीं, जबकि एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 29 सीटें हासिल कीं. इस तरह महायुति के पास कुल 118 सीटें आईं, जो बहुमत से काफी ऊपर है. इस जीत ने ठाकरे परिवार के करीब तीन दशक पुराने BMC पर कब्जे को खत्म कर दिया. लेकिन BJP को अकेले बहुमत नहीं मिला, इसलिए शिंदे गुट की भूमिका काफी अहम हो गई है और मुंबई के मेयर का सबसे बड़ा सवाल अब सबके जहन में है कि कौन महापौर बनेगा?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि महायुती से ही मेयर चुने जाएंगे, हालांकि उन्होंने स्पष्ट नहीं किया मेयर कौन होंगे. कुछ लोग बीजेपी नेता तेजस्वी घोसालकर का नाम ले रहे हैं, जो मुंबई की मेयर बन सकती है. उधर, एकनाथ शिंदे ने सावधानी बरतते हुए अपने सभी 29 नवनिर्वाचित पार्षदों को मुंबई के एक पांच सितारा होटल (ताज लैंड्स एंड, बांद्रा) में शिफ्ट कर दिया. इसका मकसद किसी भी तरह की खरीद-फरोख्त या दलबदल की कोशिश को रोकना बताया जा रहा है.
पार्टी सूत्रों का कहना है कि ये पार्षद वहां कुछ दिनों तक रहेंगे, ताकि चुनाव के बाद थकान दूर हो और ओरिएंटेशन भी हो सके. लेकिन विपक्ष इसे डर के तौर पर देख रहा है. उद्धव ठाकरे ने खुलकर कहा कि शिंदे BJP से डरे हुए हैं. उन्होंने 2022 की उस घटना का जिक्र किया, जब शिंदे के नेतृत्व में 40+ विधायकों के बगावत से उनकी सरकार गिर गई थी. उद्धव का तर्क है, अगर एक बार फूट पड़ी, तो दोबारा भी पड़ सकती है.
''होटल में जेल जैसा माहौल बनाया गया''
उद्धव ने ये भी कहा कि होटल में जेल जैसा माहौल बनाया गया है और निगरानी रखी जा रही है. संख्या कम होने के बावजूद उनकी शिवसेना (UBT) अभी भी मुंबई में मजबूत है. उन्होंने 65 सीटें जीतीं (MNS के साथ मिलकर 71), जो दूसरे नंबर पर है. उनका दावा है कि कागज पर शिवसेना खत्म कर सकते हैं, लेकिन जमीन पर नहीं. उन्होंने BJP पर सत्ता का दुरुपयोग, धन-बल और धमकियों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया.
उद्धव ठाकरे ने भगवान पर जताया भरोसा
फिर भी उद्धव ने सपना जताया कि अगर भगवान ने चाहा तो मुंबई में उनका महापौर बनेगा. लेकिन वर्तमान आंकड़ों में महायुति का बहुमत साफ है, इसलिए मेयर महायुति से ही बनेगा, BJP या शिंदे गुट में से कोई. अभी तक कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है कि मेयर कौन बनेगा और कितने साल के लिए. ये फैसला BJP और शिंदे के बीच बातचीत से होगा. महायुति के नेता इसे सामूहिक निर्णय बताते हैं, कोई विवाद नहीं होने का दावा करते हैं.