IndiGo की उड़ानें क्यों रद्द हो रही हैं? असली वजह और पूरा माजरा समझिए

Amanat Ansari 05 Dec 2025 04:08: PM 2 Mins
IndiGo की उड़ानें क्यों रद्द हो रही हैं? असली वजह और पूरा माजरा समझिए

नई दिल्ली: भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo पिछले कई दिनों से भयंकर संकट से जूझ रही है. देशभर में उसकी सैकड़ों फ्लाइटें रोज़ कैंसिल हो रही हैं, बाकी ज़्यादातर घंटों देरी से उड़ रही हैं. एयरपोर्ट पर यात्रियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है काउंटर पर झगड़े, चीखना-चिल्लाना और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होना आम बात हो गई है.

पिछले चार-पांच दिनों में ही IndiGo की 1,000 से ज़्यादा उड़ानें रद्द हो चुकी हैं. सबसे ज़्यादा मार दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और मुंबई जैसे बड़े हब पर पड़ी है. सिर्फ एक दिन में दिल्ली से 130+, बेंगलुरु से 50+, हैदराबाद से 90+ फ्लाइटें कैंसिल हुईं. यात्री एयरपोर्ट पर घंटों-घंटों फंसे रहे, कई लोगों को अगले दिन की फ्लाइट दी गई.

IndiGo ने पहले तो मौसम, तकनीकी खराबी, विंटर शेड्यूल और एयरपोर्ट कंजेशन को वजह बताया, लेकिन एविएशन जानकार और पायलट यूनियन बिल्कुल अलग कहानी सुना रहे हैं. असली और सबसे बड़ी वजह हैनया FDTL नियम (Flight Duty Time Limitation). DGCA ने जून 2024 में पायलटों और केबिन क्रू की थकान रोकने के लिए नए सख्त नियम लागू किए थे. इनका दूसरा और अहम फेज 1 नवंबर 2025 से शुरू हुआ.

मुख्य बदलाव ये हैं:

  • साप्ताहिक ड्यूटी के बाद अब 48 घंटे का अनिवार्य रेस्ट (पहले 36 घंटे था)
  • नाइट ड्यूटी में अधिकतम 2 लैंडिंग की इजाजत (पहले 6 थी)
  • रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक की ड्यूटी को “नाइट” माना जाएगा
  • नाइट ड्यूटी में अधिकतम 8 घंटे उड़ान की लिमिट
  • इन नियमों के चलते एक साथ बड़ी संख्या में IndiGo के पायलट रेस्ट पर चले गए. यानी एक झटके में क्रू की भारी कमी हो गई.

सबसे बड़ा सवाल कि IndiGo को तो पहले से पता था! ये नियम 2024 में ही घोषित हो गए थे. सभी एयरलाइंस को तैयारी के लिए काफी समय मिला था. Air India, Vistara, Akasa जैसी कंपनियों ने पहले से ही सैकड़ों पायलट हायर किए, रोस्टर बदला और शेड्यूल में कटौती की. लेकिन IndiGo  ने लंबे समय तक नई भर्ती पर रोक लगाए रखी. लागत बचाने के चक्कर में अतिरिक्त पायलट नहीं रखे और नया रोस्टर बनाने में पूरी तरह नाकाम रही.

परिणाम ये हुआ कि जब 1 नवंबर से नियम सख्ती से लागू हुए तो एकदम से सैकड़ों पायलट एक साथ रेस्ट पर चले गए और फ्लाइट चलाने वाला कोई नहीं बचा. पायलट यूनियन ने कई महीने पहले चेतावनी दी थी, लेकिन प्रबंधन ने अनसुना कर दिया. अब यूनियन खुलकर कह रही है कि ये संकट पूरी तरह “मैन-मेड” है, यानी खुद IndiGo प्रबंधन की लापरवाही का नतीजा.

अब क्या हो रहा है?

  • DGCA ने IndiGo को फटकार लगाई है और हर 15 दिन में प्रोग्रेस रिपोर्ट मांगी है
  • IndiGo ने खुद माना है कि पूरी स्थिति सामान्य होने में 10 फरवरी 2026 तक लग सकता है
  • अगले कुछ हफ्तों तक रोज़ाना 10-15% फ्लाइटें कम करके चलाने का फैसला किया गया है
  • कुछ रूट्स पर वेट-लीज एयरक्राफ्ट (दूसरी कंपनियों से किराए पर विमान + क्रू) लाने की कोशिश की जा रही है

कुल मिलाकर ये IndiGo के लिए अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशनल संकट है. कंपनी जो रोज़ 2,200+ उड़ानें चलाती है, उसका एकदम से 10-15% ऑपरेशन ठप होना बहुत बड़ी बात है. अगर जल्दी अतिरिक्त पायलट नहीं हायर किए गए तो ये समस्या जनवरी-फरवरी तक भी खिंच सकती है. यात्री परेशान हैं, कंपनी की साख को बट्टा लग रहा है और आने वाले समय में IndiGo को इस गलती की भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है.

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