कासगंज, बाराबंकी, जौनपुर के डीएम और चुनाव आयोग पर क्यों भड़के अखिलेश यादव?

Amanat Ansari 20 Aug 2025 05:35: PM 1 Mins
कासगंज, बाराबंकी, जौनपुर के डीएम और चुनाव आयोग पर क्यों भड़के अखिलेश यादव?

नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कासगंज, बाराबंकी और जौनपुर के जिलाधिकारियों (डीएम) के साथ-साथ चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने इन जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं. बुधवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट में अखिलेश ने इन संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर निशाना साधा.

अखिलेश ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने पहले दावा किया था कि समाजवादी पार्टी के 18000 हलफनामे (एफिडेविट) उन्हें प्राप्त नहीं हुए. लेकिन अब कासगंज, बाराबंकी और जौनपुर के डीएम इन हलफनामों पर जवाब दे रहे हैं, जो आयोग के दावे को खोखला साबित करता है. उन्होंने सवाल किया कि अगर हलफनामे मिले ही नहीं, तो डीएम किस आधार पर जवाब दे रहे हैं? अखिलेश ने मांग की कि इन जिलाधिकारियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए और अदालत को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि या तो चुनाव आयोग गलत है या फिर डीएम, लेकिन दोनों में से कोई एक तो जरूर सच नहीं बोल रहा.

उन्होंने सीसीटीवी फुटेज और हलफनामों से जुड़े विवादों को लेकर भी चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए. अखिलेश ने कहा कि जिन लोगों के कृत्यों को सीसीटीवी में कैद किया गया है, उनके झूठ पर अब कोई भरोसा नहीं करता. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि झूठ का गठजोड़ कितना भी मजबूत दिखे, आखिरकार वह टिक नहीं पाता. उन्होंने भ्रष्ट लोगों पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे लोग न तो अपने ईमान के प्रति ईमानदार होते हैं, न अपने परिवार के, न समाज के और न ही अपने सहयोगियों के.

अखिलेश ने बीजेपी सरकार, चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन को 'तीन तिगाड़ा' करार देते हुए आरोप लगाया कि इनकी मिलीभगत ने लोकतंत्र को कमजोर किया है. उन्होंने कहा कि ये लोग देश और जनता के साथ छल करते हैं, लेकिन अंत में पकड़े जाते हैं और अपमानजनक जीवन जीने को मजबूर होते हैं. सपा प्रमुख ने चेतावनी दी कि अब जनता इनके खिलाफ अपनी अदालत लगाएगी और इंसाफ करेगी.

akhilesh yadav kasganj dm barabanki dm jaunpur dm

Recent News