नई दिल्ली: केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी जो यूपी के महाराजगंज से आते हैं, अब यूपी बीजेपी के नए अध्यक्ष होंगे.....पहली बार ये लाइमलाइट में तब आए जब दो साल पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद इनके घर पहुंच गए थे, और बीते साल केन्द्र में ये मंत्री बनाए गए पर अब इन्हें नई जिम्मेदारी मिली है...वैसे तो चर्चा में केशव प्रसाद मौर्य, और साध्वी निरंजन ज्योति समेत कई बड़े नाम थे, फिर पंकज चौधरी ही पहली पसंद क्यों बने, और इनका राजनीतिक बैकग्राउंड क्या है, शाह के भरोसेमंद क्यों कहे जाते हैं, क्या यूपी में योगी पर इनके अध्यक्ष बनने से क्या कोई फर्क पड़ेगा, इन सारे सवालों का जवाब अगले 3 मिनट में समझने की कोशिश करते हैं... सबसे पहले ये तस्वीरें देखिए...

13 दिसंबर की दोपहर पंकज चौधरी जैसे ही लखनऊ एयरपोर्ट पर पहुंचते हैं, उनका जोरदार स्वागत किया जाता है,और उसके बाद वो कहते हैं पार्टी कार्यालय जा रहा हूं, वहां जाकर आगे की बात पता चलेगी, लेकिन अगले कुछ ही घंटे में वो बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल कर देते हैं, जिसकी तस्वीरें सामने आती है तो पता चलता है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक उनके प्रस्तावक बने. इस दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महासचिव विनोद तावड़े, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, यूपी सरकार में मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, सूर्य प्रताप शाही, सुरेश खन्ना और बेबी रानी मौर्य भी मौजूद रहे. तस्वीर देखकर ऐसा लगा जैसे बीजेपी के बड़े-बड़े नेता इस पल का इंतजार कर रहे हों, पंकज चौधरी के बारे में कहा जाता है कि ये एक अच्छे रणनीतिकार हैं.
यही वजह है कि केशव प्रसाद मौर्य जिन्होंने 2017 में बीजेपी का राजनीतिक वनवास खत्म कराया था, उनकी जगह पंकज चौधरी पर बीजेपी ने दांव खेला है...हालांकि राजनीतिक के जानकार ये भी कहते हैं कि पंकज चौधरी की केन्द्र से ज्यादा बनती है, राज्य में कैसे बनेगी ये कहा नहीं जा सकता...पर सवाल ये भी तो है कि नेता चाहे कोई भी हो वो पार्टी की जीत के लिए ही काम करता है, और पंकज चौधरी के काम करने का तरीका अलग है, जबकि योगी आदित्यनाथ के काम करने का तरीका अलग है, एक के पास अब संगठन की कमान होगी तो एक के पास सरकार की...और दोनों के बीच समन्वय स्थापित करने का काम पहले से ही आरएसएस करने में लगा है...और उधर समाजवादी पार्टी की तैयारियां भी पंकज चौधरी की रणनीति के लिए बड़ी चुनौती होने वाली है...जिसका जवाब वो कैसे देते हैं, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं...