ओम बिरला के नाम से विपक्ष क्यों कांप रहा है. वो इन चार तस्वीरों से समझ लीजिए. अगले 5 साल तक संसद कैसे चलने वाली है? वो भी इन 4 तस्वीरों से समझ लीजिए. ओवैसी-अखिलेश जैसे बड़े नेता हों या नए चुनकर आए युवा सांसद, जो भी नियम तोड़ेगा उसकी तगड़ी क्लास लगने वाली है.
पहली तस्वीर हरसिमरत कौर बादल की है, वो सदन में खड़े होकर AAP और कांग्रेस का गुणगान कर रही थी, जबकि सांसदों का मौका मिला था बिरला को बधाई देने का.

दूसरी तस्वीर आगा रोहुल्लाह की हो, जो जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं. फारुख अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद हैं. वह सदन में खड़े होकर कह रहे थे कि आपने आधे घंटे में 370 हटाने का कानून पास कर दिया, जिस पर बिरला भड़क उठे और कहा आप अपनी जानकारी दुरुस्त करो.

तीसरी तस्वीर आम आदमी पार्टी के सांसद राजकुमार छब्बेवाल की, जो पंजाब के होशियारपुर से जीतकर आए हैं. सदन में खड़े होकर कह रहे थे कि डिप्टी स्पीकर विपक्ष का होना चाहिए, जिसे सुनते ही ओम बिरला ने कह दिया कानून की किताब पढ़कर आइए फिर बात कीजिए.

चौथी तस्वीर ओवैसी की है, जो कह रहे थे सर प्लीज एक मिनट दे दीजिए, सर प्लीज एक मिनट और बोलने दीजिए. इससे पहले अखिलेश यादव भी ये कह चुके थे कि सर उम्मीद है पहले जैसा निष्कासित नहीं करेंगे.

पिछले कार्यकाल में ओम बिरला ने 113 सांसदों को निष्कासित कर दिया था. क्योंकि वो चर्चा नहीं होने दे रहे थे, इसीलिए ये जो डर ओवैसी से लेकर अखिलेश तक की आवाज में दिख रहा है. वो यही डर है कि कहीं ओम बिरला मार्शल को बुलवाकर बाहर न भिजवा दें.
संसद नई बनी है, तो तौर तरीके भी कुछ नए ही होंगे. जो भी नए सांसद आएंगे, उन्हें नियम की तरह ही बोलना होगा, युवा जोश दिखाकर सियासत करेंगे तो बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा.
वो तस्वीर तो आपको याद ही होगी जब राज्यसभा में वेल तक पहुंचने की कोशिस हो गई थी. माइक तोड़ने की कोशिश करने की तस्वीरें सामने आई थी, जिसके बाद संसद की गरिमा और सांसदों के चरित्र पर सवाल उठे थे. इस बार सदन में बीजेपी के पास बहुमत नहीं है. गठबंधन की सरकार है विपक्ष के सांसदों की संख्या ज्यादा है. इसलिए विपक्ष के सांसद हंगामा न मचाएं, किसी तरह का शोर न करें, काम में रुकावट न डालें, इसके लिए पहले ही दिन से ओम बिरला फॉर्म में नजर आ रहे हैं. वो हर सांसद को समझा रहे हैं नियम मत तोड़ना. यहां तक कि एक बार तो कुर्सी छोड़कर खड़े हो गए और गुस्से में क्या कहा, वो आप भी सुन लीजिए.
ओम बिरला गुस्सा साफ बता रहा है कि इस बार गठबंधन की सरकार भले ही है, लेकिन स्पीकर किसी तरह से दबाव में नहीं आएंगे जो नियम नहीं मानेगा बाहर जाएगा, जो नियम मानेगा वो सार्थक चर्चा में भाग लेगा. सोशल मीडिया पर अभी से ये आवाज उठने लगी है कि सेंगोल की जगह संविधान की कॉपी लगाई जाए.
कई विफक्षी सांसदों ने संविधान की क़ॉपी लेकर शपथ भी ली है, जो ये बताता है कि विपक्ष इस बार पूरी तैयारी के साथ होगा. हंगामा की आशंका ज्यादा है, इसलिए मोदी ने ओम बिरला को स्पीकर बनाकर ये साफ संदेश दे दिया है कि जैसे पिछली बार सदन शांति से चला था, वैसे ही इस बार चलाना है.