नई दिल्ली: खुद को मोहम्मद दीपक बताने वाले जिम मालिक दीपक कश्यप का वीडियो सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहा है, घटना 26 जनवरी की है, लेकिन विवाद 1 फरवरी को तुल तब पकड़ा, जब इसमें बड़े-बड़े दिग्गज कूद पड़े, सोशल मीडिया पर मोहम्मद दीपक ट्रेंड होने लगा, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पोस्ट कर दीपक को बब्बर शेर बता दिया, पर अब उत्तराखंड पुलिस ने दीपक के ऊपर ही मुकदमा दर्ज कर लिया है...
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, कोटद्वार घटना के संबंध में पुलिस ने तीन एफआईआर दर्ज की है. पहली FIR 30-40 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सार्वजनिक शांति भंग, सरकारी काम में बाधा और पुलिस से धक्का-मुक्की के आरोप में दर्ज की गई है. दूसरी FIR स्थानीय वकील अहमद की शिकायत पर गाली-गलौज और जातिसूचक भाषा के इस्तेमाल को लेकर दर्ज किया गया है. जबकि तीसरी FIR दीपक और उसके साथियों के खिलाफ धमकी और अपमानजनक भाषा के आरोप में दर्ज किया गया है.
हालात संभालने के लिए बकायदा पुलिस ने कोटद्वार में फ्लैग मार्च भी किया, और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की..पूरा सोशल मीडिया इस वक्त दो धड़ों में बंटा है...पहला धड़ा जहां दीपक के समर्थन में है, तो दूसरा धड़ा दीपक पर सवाल उठा रहा है, उनका दावा है कि दीपक ने जो किया, क्या मुस्लिम बाहुल्य इलाके में कोई मुस्लिम किसी हिंदू को बचाने के लिए ऐसा करेगा...सबकी दलीलें अपनी-अपनी हैं पर पूरी घटना को समझने के लिए आपको थोड़ा पीछे चलना होगा...
सोशल मीडिया पर कोटद्वार के पटेल मार्ग स्थित बाबा ड्रेस नाम की दुकान का एक वीडियो वायरल हुआ, जहां बजरंग दल से जुड़े कुछ लोग दुकान पर पहुंचते हैं, वहां बैठे बुजुर्ग मुस्लिम व्यक्ति से दुकान का नाम बदलने के लिए कहते हैं.. इसी बीच वहां पहुंचे दीपक ने उन्हें रोका, और कहा ये दुकान करीब 30 साल पुरानी है, बाबा नाम तो सब इस्तेमाल करते हैं, फिर आपको दिक्कत क्यों हो रही है, पूछने पर दीपक ने अपना नाम मोहम्मद दीपक बताया...
लेकिन बाद में पता चला ये मुस्लिम नहीं बल्कि हिंदू हैं, और पूरा नाम दीपक कश्यप है, वहां बुजुर्ग व्यक्ति को बचाने के लिए खुद का नाम बदलकर बताया, पर उस दिन तो मामला शांत हो गया, लेकिन बजरंग दल के कार्यकर्ता देहरादून समेत अलग-अलग हिस्सों से 31 जनवरी को वहीं पहुंच जाते हैं, और दीपक को ढूंढने की कोशिश करते हैं, यहां तक कि दीपक से उनका आमना-सामना भी होता है, पर पुलिस बीच-बचाव कर मामले को शांत कर लेती है...लेकिन सवाल है ऐसे हालात आखिर बने ही क्यों...उत्तराखंड को सुलगाने की साजिश बार-बार कौन रच रहा है, वहां के सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की क्या कोई स्क्रिप्ट लिखी जा रही है, अभी भी कई लोग पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं....जिस जगह ये घटना हुई, वो उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में आता है, जहां के SSP हैं सर्वेश पंवार...
2006 बैच के IPS ऑफिसर सर्वेश पंवार बीते महीने सुर्खियों में तब आए, जब इन्होंने ट्रांसफर आदेश जारी किया, जिसे आईजी राजीव स्वरूप ने रद्द कर दिया. लंबे वक्त से एक ही जगह ड्यूटी कर रहे कॉन्स्टेबल से लेकर सब इंस्पेक्टर तक के तबादले का आदेश SSP ने दिया, पर आईजी ने इसे पुलिस एक्ट का उल्लंघन बता दिया. कई लोगों ने इसे दो आईपीएस के बीच टकराव का मामला बताया, और अब जब कोटद्वार में ये घटना हुई तो पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं...