नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में एक टोल प्लाजा पर हुई हिंसक घटना ने सुर्खियां बटोरी हैं. रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लोढ़ी (मारकुंडी) टोल प्लाजा पर रविवार दोपहर करीब 3:30 बजे महिला अधिवक्ता आरती पांडेय अपने परिवार और साथियों के साथ ओबरा से रॉबर्ट्सगंज की ओर जा रही थीं.
टोल शुल्क चुकाने के दौरान लाइन में देरी को लेकर कर्मचारियों से बातचीत शुरू हुई, जो जल्द ही विवाद में बदल गई. आरोप है कि टोलकर्मियों ने गाली-गलौज शुरू की और फिर लाठी-डंडों से हमला बोल दिया. बीच-बचाव करने आई अधिवक्ता और अन्य महिलाओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया, बाल खींचकर घसीटा गया और मारपीट की गई.
इस झड़प में कुल चार लोग घायल हुए, जिनमें एक महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है. सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है. घटना का वीडियो राहगीरों ने रिकॉर्ड किया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया और अधिवक्ता समुदाय में भारी आक्रोश पैदा कर दिया.
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वकीलों ने टोल प्लाजा पर जुटकर विरोध प्रदर्शन किया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. पीड़िता अधिवक्ता आरती पांडेय ने तहरीर दी, जिसके आधार पर रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने मामला दर्ज किया और दो टोलकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस जांच जारी है.
यह घटना हाल ही में बाराबंकी के हैदरगढ़ टोल पर हुई एक समान हिंसा की याद दिलाती है, जहां भी टोल कर्मियों की दबंगई सामने आई थी. ऐसे मामलों से आम यात्रियों की सुरक्षा और टोल प्रबंधन की जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं.