बहराइच में फिर लौट आया खूंखार भेड़िया, महिला और बच्चों पर किया हमला, वन विभाग ने शुरू किया शिकार 

Amanat Ansari 13 Oct 2025 02:41: PM 2 Mins
बहराइच में फिर लौट आया खूंखार भेड़िया, महिला और बच्चों पर किया हमला, वन विभाग ने शुरू किया शिकार 

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के कई गांवों में दहशत फैल गई है. वन अधिकारियों के अनुसार, 12 घंटों के अंदर दो भेड़ियों ने एक महिला और चार बच्चों पर हमला कर दिया. हमले के बाद एक भेड़िये को गोली मार दी गई, लेकिन वह जंगल में भाग गया. उसे मारा हुआ माना जा रहा है. पहला हमला शनिवार को सुबह करीब 3 बजे बालिराजपुरवा गांव में हुआ. वहां 40 साल की महिला दुर्गावती अपने घर के बाहर भेड़िये के हमले का शिकार हो गईं. यह जानकारी डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (डीएफओ) राम सिंह यादव ने दी.

दावा किया जा रहा है कि मझारा तौकली गांव और उसके आसपास चार बच्चे घायल हो गए. ये बच्चे मीना (8 साल), मोनिका (5 साल), शिवांकी (6 साल) और चंद्रसेन (5 साल) थे. ये बच्चे खेलते या घर के बाहर घूमते समय घायल हुए. डीएफओ ने बताया, "सभी बच्चों को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार दिया गया. गंभीर रूप से घायल बच्चों को जिला मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया." जिला अधिकारियों ने हमलों के बाद सर्च ऑपरेशन शुरू किया.

प्रभावित इलाकों में गश्ती टीमें और शूटर तैनात किए गए. अधिकारी ने कहा, "वन विभाग ने भेड़िये प्रभावित इलाकों को छह सेक्टरों में बांटा है. करीब 30 टीमें काम कर रही हैं, जिनमें 21 टास्क फोर्स शामिल हैं. ये सभी एक डिविजनल कमांड सेंटर के तहत काम कर रही हैं." इधर, ग्रामीणों ने रात में गश्त के लिए टॉर्च और लाठियों से लैस ग्रुप बना लिए हैं. रैस्क्यू ऑपरेशन में वन अधिकारियों ने पुष्टि की कि एक भेड़िये को विभाग के शूटर ने घायल कर दिया. वह नदी के किनारे के घास के मैदान में भाग गया और शायद मर गया.

रविवार शाम को एक टीम ने एक भेड़िये को एक आदमी पर हमला करने की तैयारी करते देखा. आदमी को बचाने के लिए शूटर ने गोली चलाई, जो भेड़िये के पिछले पैर में लगी. घायल भेड़िया लंगड़ाते हुए नदी के घास भरे इलाके की ओर भागा, जहां जंगली गन्ने और खेजड़ों से भरा है. वहां दिन में भी ज्यादा दिखाई नहीं देता. डीएफओ ने कहा, "हम ड्रोन और कैमरा ट्रैप से घायल भेड़िये का पीछा कर रहे हैं. उसके पदचिह्न मिले हैं. संभव है कि वह मर चुका हो या इतना कमजोर हो कि न चल सके. हमारी प्राथमिकता उसे जिंदा पकड़ना है."

वन अधिकारियों का मानना है कि दो आक्रामक भेड़ियों में से सिर्फ एक ही अब सक्रिय है. सोमवार तक कोई नया हमला नहीं हुआ. ये हमले ग्रामीणों में भारी चिंता पैदा कर रहे हैं. हाल के हफ्तों में पहले भी कई घटनाएं हुईं, जिनमें कई लोग मारे गए. 9 सितंबर से बहराइच में भेड़ियों के हमलों में छह लोगों की जान गई, जिनमें चार बच्चे और एक बुजुर्ग दंपति शामिल हैं. करीब 30 अन्य घायल हुए.

इससे पहले, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाई-लेवल रैस्क्यू और कंट्रोल ऑपरेशन का आदेश दिया था. उन्होंने कहा था कि पकड़ने की कोशिश नाकाम होने पर ही घातक कार्रवाई की जाए. पिछले साल, मानसून के दौरान महसी तहसील के कुछ हिस्सों में एक भेड़ियों का झुंड ने आतंक मचाया था. नौ लोगों की हत्या के बाद वन टीमों और ग्रामीणों ने खतरे को खत्म किया.

wolf attacks Bahraich Kaiserganj tehsil Uttar Pradesh

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