बागपत: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से एक अजब-गजब मामला सामने आया है. मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में शादी करने पहुंची एक महिला की बात सुनकर अफसरों के होश उड़ गए. गोद में बच्चा लेकर पहुंची यह महिला पहले से शादीशुदा थी, लेकिन वह अपने देवर के साथ शादी करना चाहती थी.
महिला के साथ उसका पति भी मौजूद था. जब अफसरों ने दूसरी शादी का कारण पूछा तो महिला ने साफ कहा कि उसका पति से मन भर गया है और अब उसे देवर पसंद है. हैरानी की बात यह रही कि पत्नी की इस बात का पति ने भी समर्थन किया और कहा, “मेरी पत्नी को मैं नहीं, मेरा छोटा भाई पसंद है.” दोनों ने दावा किया कि पंचायत में उनका तलाक हो चुका है और इसके लिए सादे कागज पर लिखा फैसला भी दिखाया.
अफसरों ने कहा कि महिला पहले से शादीशुदा है और कानूनी तलाक के दस्तावेज नहीं हैं. पंचायत के फैसले को कानूनी मान्यता नहीं मिलने के कारण महिला का आवेदन निरस्त कर दिया गया. जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि महिला अपने मौजूदा पति से कानूनी रूप से तलाक नहीं ले पाई थी, इसलिए आवेदन नियम विरुद्ध होने के कारण खारिज कर दिया गया.
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए कुल 220 ऑनलाइन आवेदन आए थे. इनमें से 149 जोड़ों का 25 अक्टूबर को विवाह संपन्न हो चुका है, जबकि दस्तावेजों में कमी के कारण कुछ आवेदनों को निरस्त भी किया गया.