लखनऊ: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को खुली चुनौती देते हुए कहा कि भाजपा “वोट चोरी” के आरोपों पर संसद में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने कहा कि विपक्ष सड़कों पर शोर मचा रहा है, लेकिन सदन में बहस से बच रहा है.
लखनऊ में एक सभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, “राहुल बाबा, मैं आपको और अखिलेश यादव दोनों को यहीं से चुनौती देता हूं. भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है. हमारे पास छिपाने को कुछ नहीं है. विशेष सत्र बुलाया जाए, लेकिन उनका सदन में बोलने का कोई इरादा नहीं है. वे संसद को चलने नहीं देते, सिर्फ हंगामा करते हैं.”
शाह ने हरियाणा, महाराष्ट्र, बिहार, दिल्ली, पुडुचेरी, असम और बंगाल में भाजपा की हालिया जीत का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष को अब समझ आ गया है कि वह चुनाव नहीं जीत सकता. उन्होंने राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर तीखा हमला करते हुए कहा कि हार के बाद अंपायर को दोष देने की आदत पड़ गई है. “जब कोई टीम मैच हार जाती है तो उसे प्रैक्टिस करनी चाहिए, लेकिन राहुल बाबा अलग मिट्टी के बने हैं. अखिलेश और इंडिया गठबंधन के बाकी लोग भी वही कर रहे हैं. हार स्वीकार करने के बजाय वे अंपायर पर धोखाधड़ी का आरोप लगा रहे हैं और कह रहे हैं कि वोट चोरी हो गई.”
यह बयान ऐसे समय आया है जब इंडिया गठबंधन 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में मार्च करने की तैयारी में है. बारिश के कारण विपक्ष ने अपने कार्यक्रम को एक दिन आगे बढ़ा दिया है. राहुल गांधी ने कहा कि यह एक ही विरोध प्रदर्शन है और पूरा विपक्ष संविधान की रक्षा के लिए एकजुट है. शाह का यह खुला चैलेंज विपक्ष के “वोट चोरी” अभियान और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उनके आंदोलन के बीच आया है.