Changur Baba mansion demolition: छांगुर बाबा की हवेली जिसमें कई सनातनी बहन-बेटियों को जबरन बुर्का पहनाया है, बाहर से सफेद दिखने वाली बिल्डिंग के अंदर ऐसे-ऐसे कारनामे होते थे कि सुनकर सीएम योगी आदित्यनाथ को भी गुस्सा आ गया. और उन्होंने ट्विटर पर छांगुर बाबा ऊर्फ जलालुद्दीन का नाम लेकर लिखा इसे और इसके गिरोह को ऐसी सजा देंगे कि लोग याद रखेंगे. योगी ने साफ कह दिया है इसकी संपत्तिया जब्त होंगी, यानि उन पर भी मुख्तार और अतीक की अवैध संपत्तियों की जगह गरीबों के लिए घर बन सकता है, लेकिन बाद में क्या होगा, वो जानने से पहले अभी क्या हुआ है वो भी समझिए.
8 जुलाई की सुबह करीब 10 बजे यूपी पुलिस की एक टीम 3 बुलडोजर के साथ छांगुर बाबा की हवेलीनुमा मकान पर पहुंचती है, जो बलरामपुर जिले के उत्तरौला-मनकापुर मेन रोड पर है, करीब 3 बीघे में बनी इस हवेली में 70 कमरे होने की ख़बर है. जिनकी पहले तलाशी ली जाती है, क्योंकि पुलिस को ख़बर थी इसी हवेली से छांगुर बाबा सारी काली करतूतें करता था, इसलिए यहां कोई बंधक भी हो सकता है, हालांकि कोई बंधक नहीं मिला, जिसके बाद 3 बुलडोजर ने एक-एक कर कमरों को ढहाना शुरू किया, पर निर्माण इतना मजबूत था कि 3 बुलडोजर से काम नहीं चला, बल्कि 5 और बुलडोजर मंगवाए गए, सूत्र बताते हैं
छांगुर बाबा के कमरे से क्या मिला?
लग्जरी गाड़ियों के शौकीन छांगुर की हवेली से और भी कई चीजें बरामद हुई है. पहले दिन की कार्रवाई में 20 कमरे जमींदोज हुए हैं, बाकी के 20 कमरों पर अगले दिन एक्शन हुआ. कुल 70 में से 40 कमरे सरकारी जमीन पर बने थे, लेकिन चौंकाने वाली बात ये थी कि ये पूरी हवेली छांगुर बाबा ऊर्फ जलालुद्दीन के नाम पर नहीं, बल्कि उसकी कथित प्रेमिका नीतू ऊर्फ नसरीन के नाम पर थी, जिसका पति नवीन रोहरा पहले ही इस मामले में जेल भेजा जा चुका है. इसी मकान में छांगुर बाबा नीतू ऊर्फ नसरीन और उसके पति नवीन रोहरा के साथ मिलकर न सिर्फ रहता, बल्कि देशविरोधी प्लानिंग भी रचता था. 20 कमरे और 40 फीट लंबे हॉल को जब गिराया गया, तो पुलिस को वहां से कई ऐसी चीजें मिली हैं, जिनसे जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है. 18 गुर्गों के सरगना छांगुर बाबा ने 100 करोड़ की संपत्ति किसके दम पर बनाई है, उसके साथ और कौन-कौन है, उनकी भी कुंडली खंगाली जा रही है. क्योंकि एटीएस की जांच में ये भी पता चला है कि
बदले में लिपिक छांगुर की मदद ऐसे करता कि जो भी उसके खिलाफ आवाज उठाता, उसकी आवाज दबा देता. यानि सिस्टम के कई लोगों के नाम इसमें सामने आ सकते हैं. चौंकाने वाली बात ये भी है कि जो चंद्रशेखर गरीबों और मजलूमों की आवाज उठाने का दावा करते हैं, वो इस मामले पर कुछ नहीं बोलते, मायावती भी चुप्पी साधे रहती हैं, और अखिलेश यादव की पार्टी तो अभी शायद ये फैसला ही नहीं ले पाई कि छांगुर का पक्ष लें या विरोध करें. क्योंकि सीएम योगी आदित्यनाथ ने साफ कर दिया इसकी गतिविधियां राष्ट्रविरोधी भी हैं.सीएम योगी ट्वीट कर लिखते हैं
“हमारी सरकार बहन-बेटियों की गरिमा और सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी जलालउद्दीन की गतिविधियां समाज विरोधी ही नहीं, बल्कि राष्ट्र विरोधी भी हैं. आरोपी और उसके गिरोह से जुड़े सभी अपराधियों की संपत्तियां जब्त की जाएंगी और उन पर सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी. उन्हें कानून के अनुसार ऐसी सजा दी जाएगी, जो समाज के लिए एक उदाहरण बने.”
यानि छांगुर बाबा और उसके तीन साथी जो अभी यूपी एटीएस के शिंकजे में हैं, उन पर बड़ी कार्रवाई होने वाली है. इस केस में एनआईए और ईडी की एंट्री भी होने वाली है, ताकि ये पता चल सके कि जिन मुस्लिम मुल्कों की यात्रा इन लोगों ने की वहां से फंडिंग इन्हें कैसे मिली, और इनकी पूरी प्लानिंग क्या-क्या थी. मसला सिर्फ अलग-अलग जातियों की लड़कियों को बुर्का पहनाने और 15-16 लाख रुपये तक का था या उससे भी आगे की कोई प्लानिंग थी, इसका खुलासा होना अभी बाकी है.