नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को एक कार्यक्रम में कहा कि पाकिस्तान की नियति नष्ट होना है. यह तबाही या तो भारत के हाथों होगी या फिर उस आतंकवाद के कारण, जिसे पाकिस्तान ने खुद पाला-पोसा है. यह बयान उन्होंने बाराबंकी में केएन मेमोरियल हॉस्पिटल के 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक समारोह में दिया.
योगी ने दार्शनिक अंदाज में कहा कि एक बीज का पेड़ बनना संस्कृति का प्रतीक है, जबकि बीज का सड़ना और नष्ट होना प्रकृति का विकृत रूप है. उन्होंने कहा, "यह ठीक ही कहा गया है कि बीज का पेड़ बनना संस्कृति है और उसका सड़ जाना विकृति है." उन्होंने भारत को एक ऐसी संस्कृति का प्रतीक बताया, जो मानवता का मार्गदर्शन करती है और विश्व के लिए आशा की किरण है.
योगी ने कहा, "भारत एक ऐसी सभ्यता का प्रतीक है, जो विश्व के लिए आध्यात्मिक और नैतिक मार्गदर्शन देती रहेगी." इसके विपरीत, उन्होंने पाकिस्तान को 'विकृति' करार देते हुए कहा कि उसकी नियति नष्ट होना है. उन्होंने कहा, "पाकिस्तान वह विकृति है, जिसकी नियति मरना और सड़ना है. चाहे वह भारत के हाथों नष्ट हो या अपने द्वारा पाले-पोसे आतंकवादियों के कारण. यह उसकी नियति में लिखा है, और वही होगा."
मुख्यमंत्री ने 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए इसे भारत के स्वाभिमान, मातृशक्ति के सम्मान और भावी पीढ़ियों की सुरक्षा का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा, "पाकिस्तान और उसके समर्थक जो भी कर रहे थे, भारत ने वही किया, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को आश्वासन दिया था—अपने सम्मान और गर्व की रक्षा करना." उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की तारीफ करते हुए कहा कि भारतीय सैनिकों की बहादुरी से 'ऑपरेशन सिंदूर' के जरिए दुश्मनों का सफाया किया गया.
योगी ने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ आए हैं. मैं उत्तर प्रदेश सरकार और राज्य की जनता की ओर से उनका स्वागत और बधाई देता हूं." बता दें कि राजनाथ सिंह लखनऊ से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद हैं.
हॉस्पिटल के 25 साल के सफर के बारे में बोलते हुए योगी ने कहा कि साल 2000 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने इसकी आधारशिला रखी थी. उन्होंने कहा, "आज यह हॉस्पिटल और बाराबंकी में मेडिकल कॉलेज के रूप में अपनी नई पहचान के साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है. यह उत्तर प्रदेश के विकास में योगदान दे रहा है और राज्य के लोगों के स्वास्थ्य के लक्ष्य को पूरा कर रहा है."
योगी के इस बयान ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण रिश्तों को उजागर किया है. उनके बयान से यह स्पष्ट है कि भारत अपनी संप्रभुता और सम्मान की रक्षा के लिए हर कदम उठाने को तैयार है.