नई दिल्ली: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दशहरा अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक है. इस समय कानून व्यवस्था को सख्ती से संभालना चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कानपुर, वाराणसी और मुरादाबाद जैसे जिलों में किसी भी हंगामे पर तुरंत एफआईआर दर्ज करें. दंगाइयों की संपत्ति की पूरी जांच हो. वीडियो फुटेज और सोशल मीडिया की निगरानी से हर शामिल व्यक्ति की पहचान करें.
सीएम योगी ने महिलाओं की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखा. पुलिस स्टेशनों से लेकर पीआरवी तक सभी को छेड़खानी, चेन छीनने या एसिड अटैक जैसे मामलों के लिए जिम्मेदार ठहराया. गरबा और डांडिया कार्यक्रमों के लिए खास निर्देश दिए- अंदर घुसपैठिए की जांच करें और मिशन शक्ति 5.0 को जमीन पर लागू करें. मुख्यमंत्री ने सांप्रदायिक तनाव रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का आदेश दिया. निर्देशों को पूरी तरह लागू करें.
दुर्गा पूजा और रावण दहन के दौरान सुरक्षा सबसे जरूरी होगी. बड़ी मूर्तियों से बचें और डुबकी के लिए वैकल्पिक जगहें तय करें. पुलिस प्रमुखों को स्लॉटरहाउस की अचानक जांच और सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा. यूपी आईटीएस और अन्य बड़े स्थलों पर भीड़ न लगे, इसके लिए ट्रैफिक सुगम रखें और सुरक्षा कड़ी करें. जिलों की निगरानी बढ़ाएं, मंत्रियों के दौरे और मीटिंग्स से प्रशासन पर नजर रखें.
कोर ग्रुप मीटिंग्स की रिपोर्ट सीधे सीएम कार्यालय भेजें ताकि तुरंत कार्रवाई हो. लखनऊ में, कुछ इलाकों में लगे 'आई लव मुहम्मद' पोस्टरों के जवाब में नया पोस्टर कैंपेन शुरू हुआ. बीजेपी यूथ मोर्चा लखनऊ के महासचिव अमित त्रिपाठी ने 'आई लव श्री योगी आदित्यनाथ जी' और 'आई लव बुलडोजर' वाले पोस्टर लगवाए. इनमें सीएम और बुलडोजर की तस्वीरें हैं. ये समता मूलक और राज भवन चौराहा जैसे प्रमुख चौराहों पर लगे.
सीएम की ये चेतावनी और सुरक्षा निर्देश बरेली की घटना के बाद आए हैं. वहां मौलाना तौकीर रजा खान का 'आई लव मुहम्मद' प्रदर्शन पुलिस से भिड़ गया, जिससे 24 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुईं. अधिकारियों ने इसे व्यवस्था बिगाड़ने की साजिश बताया. इस घटना पर सीएम योगी ने कहा कि कल बरेली में एक मौलाना भूल गया कि राज्य में कौन सत्ता में है. उसे लगा कि वह जब चाहे सिस्टम रोक सकता है, लेकिन हमने साफ कर दिया कि न ब्लॉकेज होगा न कर्फ्यू. जो सबक हमने दिया, वह आने वाली पीढ़ियों को दंगे करने से पहले दो बार सोचने पर मजबूर करेगा.
उन्होंने कहा कि 2017 से पहले ऐसे हंगामे आम थे, लेकिन उसके बाद यूपी में बिना कर्फ्यू के कानून-व्यवस्था बनी हुई है. राज्य की विकास कहानी यहीं से शुरू होती है. पुराने दौर को याद करते हुए सीएम ने कहा कि पहले दंगाइयों को सीएम आवास पर सम्मानित किया जाता था. उन्हें पुरस्कृत किया जाता, प्रोफेशनल अपराधी और माफिया वालों को सलाम किया जाता. आपने देखा होगा कि राज्य का मुखिया माफिया के गुर्गों से हाथ मिलाकर गर्व महसूस करता था. अब ये सब खत्म. अब कानून-व्यवस्था डर या पक्षपात से ऊपर है.
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