
लखनऊ: तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि ये बीजेपी कार्यालय है. यहां बकायदे बीजेपी का पोस्टर भी लगा है. अचानक यहां मंगलवार को बुलडोज़र चलने लगा. ये तस्वीर कहां की है? क्यों चला बुलडोज़र सबकुछ बताएंगे, लेकिन पहले संभल की एक बड़ी ख़बर आपको बताते है. संभल के सांसद ज़ियाउर्रहमान बर्क की गिरफ्तारी किसी भी वक्त हो सकती है...ऐसा कहा जा रहा है कि इधर पुलिस सबूत जुटा रही हैं, उधर गिरफ्तारी से पहले ही बर्क हाईकोर्ट की शरण में पहुंच गए हैं, उन्हें डर है कि योगी आज़म ख़ान की तरह जेल में डाल देंगे...सूत्र कहते हैं कि बर्क का जेल जाना पक्का है, आज़म ख़ान की तरह बकरी चोरी, और छोटी-मोटी चोरी पर बर्क के ख़िलाफ़ FIR शुरू हो गई है.
संभल के मुस्लिम नेताओं में किस कदर डर है, इसकी तस्वीर भी दिखाते हैं, फिर बीजेपी कार्यालय पर चले बुलडोज़र पर आते है. ये हैं संभल के विधायक इकबाल महमूद...इनका नाम योगी ने सदन में लिया था...सदन में योगी ने इनसे कहा था कि इकबाल महमूद से मैं कहूंगा वो एक बार बाबरनामा पढ़े. तो उन्हें अपने पूर्वज याद आएंगे...इसके जवाब में महमूद ने योगी को मक्खन लगाने की पूरी कोशिश की.

आज़म ख़ान की तरह बर्क को जेल भेजकर बीजेपी संभल का किला अपने नाम कर लेगी. इसलिए बर्क की तड़प को समझने के लिए उनकी याचिका में लिखे शब्दों को समझिए...इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की है. इसके साथ ही उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को खारिज करने की भी मांग की है. संभल हिंसा मामले में पुलिस ने सांसद बर्क के खिलाफ केस दर्ज किया था.
पुलिस का कहना है कि उनके भड़काऊ भाषण की वजह से ही शाही जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान हिंसा हुई थी.सांसद बर्क ने हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में अपने सांसद होने का हवाला दिया और कहा कि पढ़े-लिखे इंसान हैं. इसके साथ ही उन्होंने हिंसा से जुड़े कई और तर्क भी दिए कि उनका इससे किसी भी तरह से कोई जुड़ाव नहीं है. इसलिए उनके खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को खारिज कर देना चाहिए...
संभल में कार्रवाई देखकर कुछ लोग योगी को बदनाम कर रहे हैं, लेकिन आपको बलिया की तस्वीर बता देगी. उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर की कार्रवाई की जा रही है. चार दशक पहले बने इस बीजेपी कार्यालय कैंप पर अचानक बुलडोज़र चला है. यानि ये योगी सरकार हैं, अपनों को भी दोषी होने पर नहीं छोड़ रही है. बलिया की ये तस्वीर बहुत कुछ कहती है. सुप्रीम कोर्ट ने कभी भी बुलडोज़र पर टिप्पणी की तो योगी पर कुछ नहीं कहा, क्योंकि योगी का पीला पंजा सबपर चलता है, योगी खुद कहते हैं कि वो किसी एक धर्म या जाति पर बुलडोज़र नहीं बल्कि हर अपराधी पर चलाते है.